पुरानी टैक्सियों में स्पीड गवर्नर अनिवार्य नहीं करने समेत अन्य मांगों को लेकर टैक्सी यूनियन के आह्वान पर टैक्सी-मैक्सी मालिक और चालक शनिवार को दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। हड़ताल से दो दिनों में 16 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। चालक और मालिकों ने जीजीआईसी तिराहे पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते यात्रियों की फजीहत हुई। केमू और रोडवेज स्टेशनों में यात्रियों की भीड़ लगी रही।
जिला मुख्यालय से हल्द्वानी, भवाली, नैनीताल, बागेश्वर, रानीखेत, पिथौरागढ़, चंपावत के अलावा अन्य स्थानों को प्रतिदिन चार हजार टैक्सियों का संचालन होता है। हड़ताल के चलते दूसरे दिन भी टैक्सियों का संचालन ठप रहा। पर्वतीय क्षेत्र की कई रूटों में सिर्फ टैक्सियां ही संचालित होती हैं। यहां केमू की एक्का दुक्का बसे चलती हैं। पर्वतीय रूटों पर रोडवेज की सेवाएं पहले से ही बंद हैं। ऐेसे में पहाड़ को जाने वाले यात्रियों को परेशानियों से जूझना पड़ा। बसों में सीट पाने के लिए यात्रियों में जद्दोजहद रही।
चालकों और मालिकों ने जीजीआईसी तिराहे पर प्रदर्शन कर विरोध जताया। प्रदर्शन करने वालों में टैक्सी यूनियन अध्यक्ष शैलेद्र तिलारा, उपाध्यक्ष गणेश सिंह बिष्ट, महासचिव नीरज पवार, उप सचिव आनंद भोज, कोषाध्यक्ष बालकृष्ण जोशी, सचिव अर्जुन सिंह, संरक्षक भीमा पवार, गोपाल सिंह रावत, प्रकाश उपाध्याय, गुड्डू तिवारी, देव सिंह, राजेंद्र सिंह, भूपेश, गोपाल, भुवन भट्ट, भूषण पांडे, गोपाल सिंह, विनोद सिंह, संजय कुमार, किशोर कुमार, गोविंद सांगा, अर्जुन फत्र्याल, गोपाल सिंह, कुंदन लटवाल, मनोज कुमार, गणेश, चंदन, रमेश भट्ट, सुभाष मल्होत्रा, राजा जोशी आदि शामिल थे।