रानीखेत (अल्मोड़ा)। कोरोना संक्रमण के चलते टैक्सी चालक, मालिकों के ऊपर आर्थिक संकट गहरा गया है। पीक सीजन में संचालन ठप होने से अब टैक्स, फिटनेस, इंश्योरेंस भरने के लाले पड़ गए हैं। टैक्सी यूनियन महासंघ कुमाऊं मंडल ने दो टूक कहा कि एक साल का टैक्स, इंश्योरेंस, फिटनेस माफ हुए बगैर वाहनों का संचालन नहीं होगा।
संभागीय परिवहन अधिकारी को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि वाहन चालक स्वामी यात्री टैक्स, रोड टैक्स, फिटनेस आदि में ही सरकार को 50 हजार रुपये देते हैं, कोरोना के कारण पीक सीजन में व्यवसाय चौपट है, लेकिन सरकार उनकी सुन नहीं रही है। महासंघ अध्यक्ष शंकर ठाकुर ने कहा कि जब किसानों की फसल चौपट हो जाती है तो सरकार उन्हें मुआवजा देती है, लेकिन सरकार आर्थिकी की रीढ़ टैक्सी व्यवसाय की तरफ ध्यान तक नहीं दे रही है।
महासंघ ने टैक्स, इंश्योरेंस, फिटनेस आदि माफ करने की मांग उठाई। कहा मांग पूरी नहीं होने तक केमू की तर्ज पर वह लोग भी वाहनों का संचालन नहीं करेंगे। ज्ञापन में महासचिव जगदीश बिष्ट, गणेश बिष्ट, भारत भूषण, ललित भट्ट, केसर धामी, बबलू सामन्त, देवेंद्र तिवारी सहित तमाम पदाधिकारियों के हस्ताक्षर मौजूद थे।