ताड़ीखेत (अल्मोड़ा)। दो दो शहीदों के गांव को जोड़ने वाली शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट ताड़ीखेत-पीपली मोटर मार्ग की हालत नहीं सुधर पर रही है। पिछले साल आपदा में क्षतिग्रस्त हुई दीवारों की मरम्मत का कार्य आज तक नहीं हो सका है, जबकि कई स्थानों पर सड़क में बड़े बड़े गड्ढे बने हुए हैं। इसमें दोपहिया वाहन चालक चोटिल हो जा रहे हैं।
2019 में मूल रूप से पीपली निवासी चित्रेश बिष्ट की शहादत के बाद इस सड़क का नाम उनके नाम पर रख दिया गया, लेकिन रखरखाव का कार्य नहीं हो पा रहा है। एक साल पहले इसी सड़क से लगे सरना गांव के सिपाही बृजेश रौतेला भी शहीद हो गए थे। शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट के नाम से बना ताड़ीखेत-पीपली मोटर मार्ग बदहाली का शिकार बना है।
ताड़ीखेत में शहीद के नाम से बने प्रवेश द्वार सहित तमाम जगहों सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। मोटर मार्ग शहीद मेजर चित्रेश के पैतृक गांव पीपली सहित कई गांवों को जोड़ता है। इस सड़क से लेटी, कोठार, सरना, पीपली सहित दर्जनभर से अधिक गांव जुड़ते हैं। इधर, लोनिवि प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता केएस बिष्ट ने बताया कि सड़क पिछले साल आपदा में कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई थी, आपदा मद में आगणन शासन को भेजा गया है, स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर पानी अत्यधिक मात्रा में बहता है, जिस कारण वहां गड्ढे बन जा रहे हैं।
-सड़क का नाम शहीद के नाम पर रखा गया था, हमें उम्मीद थी कि अब इस मोटर मार्ग के दिन बहुरेंगे। इस मार्ग से हजारों की संख्या में छोटे और बड़े वाहनों का संचालन होता है। सड़क जगह जगह क्षतिग्रस्त है। यदि शीघ्र मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन होगा।-नरेंद्र बिष्ट, जौंणे गांव, ताड़ीखेत।
-शहीद मेजर चित्रेश सड़क हमारे गांव सरना को भी जोड़ती है। सरना गांव के सिपाही बृजेश रौतेला भी गत वर्ष शहीद हुए थे, पूरा सरकारी तंत्र यहां पहुंचा था, लेकिन इसके बावजूद सड़क की हालत जस की तस होकर रह गई है। गड्ढों में दोपहिया वाहन चालक चोटिल हो जा रहे हैं।-यशपाल रौतेला, सरना, ताड़ीखेत।