भारतीय संविधान निर्माता भारत रत्न डा. भीमराव अंबेडकर के 60वें परिनिर्वाण दिवस पर शिल्पकार चेतना मंच की ओर से प्रेरणा सदन में हुई गोष्ठी में मुख्य वक्ता पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने कहा कि राज्य गठन से पूर्व से ही दलित वर्ग आशंकित था। सरकारों को समय रहते इस वर्ग की सुध लेनी होगी और उनकी बुनियादी समस्याओं का समाधान करना होगा।
उन्होंने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण संविधान सम्मत है। कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र में भी यह शामिल है। इस समस्या के शीघ्र समाधान के लिए वह प्रदेश के मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष से वार्ता करेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों के लिए कई योजनाएं बनी हैं, लेकिन जागरूकता और शिक्षा के अभाव में वह लागू नहीं हो पाती। हमें इस दिशा में भी काम करना होगा। मंच के संयोजक प्रमोद कुमार ने कहा कि राज्य बनने के बाद दलित वर्ग के उत्पीड़न में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन सामाजिक एकजुटता, जागरूकता नहीं होने से उत्पीड़न की घटनाएं दबा दी जाती हैं।
उन्होंने बताया कि संवैधानिक अधिकारों को हासिल करने के लिए समाज में चेतना पैदा करने के लिए संगठन का विस्तार किया जा रहा है। संचालन संजय कुमार ने किया। इस मौके पर मंच के जिलाध्यक्ष रमेश कुमार आर्य, महासचिव प्रकाश चंद्र आर्य, केआर आर्य, विनोद कुमार, दिनेश टम्टा, मोहन लाल टम्टा, नंदकिशोर, लल्लू लाल, संजीव कुमार, जगदीश चंद्र, डा. बीएल आर्या ने विचार रखे। गोष्ठी में अंबी राम, धनी राम, संजय टम्टा, हरीश लाल, दीप आगरी, हरीश आर्या, केआर आर्या, संदीप कुमार, शंकर कुमार, जयप्रकाश, हरीश चंद्र, ईश्वरी कुमार, दयानंद टम्टा, शिवचरण, नरेंद्र प्रसाद आर्या, भूपेंद्र प्रसाद, बीना आर्या, रोहित कुमार, ओमप्रकाश, राजकुमार, अनिल कुमार टम्टा आदि मौजूद थे।