गर्मियां बीत गईं और जाड़े शुरू हो गए, लेकिन नगर में नवाचार निधि योजना से वाटर एटीएम लगाने की योजना धरी की धरी रह गई। दावे किए जा रहे थे कि गर्मियों में आम जनता के साथ पहाड़ घूमने आने वाले पर्यटकों को महंगी बंद बोतलों का पानी नहीं खरीदना पड़ेगा और वाटर एटीएम लगने के बाद आम लोगों और पर्यटकों को तीन से पांच रुपये कीमत में प्यूरीफाई पानी पीने को मिल सकेगा, लेकिन यह सब बातें हवा हवाई ही साबित हुईं।
नवाचार निधि की इस योजना में शहर के बीचों बीच लगने वाले वाटर एटीएम के लिए 4.50 लाख रुपये पूर्व में ही मिल चुके थे। नेचुरल रिसर्च संस्था द्वारा भी इस योजना में 50 हजार रुपये लगाए जाने थे। यही नहीं तत्कालीन जिलाधिकारी सविन बंसल ने वाटर एटीएम के लिए कमरा तैयार करने के लिए 1.75 लाख रुपये भी स्वीकृत कर दिए थे। दावे किए जा रहे थे कि वाटर एटीएम लगने के बाद गर्मियों में आम लोगों और पर्यटकों को तीन से पांच रुपये कीमत में प्यूरीफाई पानी पीने को मिल सकेगा, लेकिन कार्यदायी संस्था आरईएस विभाग इसे समय पर पूरा ही नहीं कर पाया।
इधर पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी का कहना है कि पालिका इस कार्य को जल्द पूरा करना चाहती थी। आरईएस विभाग को वाटर एटीएम निर्माण का जिम्मा सौंपा गया था, लेकिन वह इसे समय पर पूरा नहीं कर पाया। जिससे अल्मोड़ा वासियों को गर्मियों में सस्ती दरों में प्यूरीफाई पानी नहीं मिल सका। उन्होंने बताया कि आरईएस विभाग को जल्द से जल्द वाटर एटीएम निर्माण पूरा करने को कहा गया है। उम्मीद है कि विभाग जल्द इसे तैयार कर लेगा।