अल्मोड़ा। जिले के छह अस्पतालों में बने बर्थ वेटिंग रूम से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को काफी लाभ मिल रहा है। प्रसव से कुछ दिन पूर्व गर्भवती महिलाएं वेटिंग रूम में ठहर सकती हैं। जिससे उन्हें बार-बार अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। हालांकि ग्रामीण क्षेत्र की कई गर्भवती महिलाएं और उनके परिजन जानकारी के अभाव में इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पाते हैं।
मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं के लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं। मालूम हो कि पहाड़ों में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से कई बार गर्भवती महिलाएं समय से अस्पताल नहीं पहुंच पाती हैं। जिस कारण कई बार दुखद घटनाएं भी होती हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के छह अस्पतालों में बर्थ वेटिंग रूम तैयार किए गए हैं।
इन वेटिंग रूम में गर्भवती महिलाएं प्रसव से कुछ दिन पहले आकर रुक सकती हैं। अस्पतालों में बने इन वेटिंग रूम में गर्भवती महिलाओं और उनके साथ तीमारदारों के लिए रहने की पूरी व्यवस्था है। वहीं उन्हें पर्याप्त सुविधाएं भी मुहैया कराई जाती हैं। एनएचएम के कार्यक्रम प्रबंधक दीपक भट्ट ने बताया कि कई बार प्रसव पीड़ा के दौरान सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से गर्भवती को अस्पताल लाया जाता है। लेकिन प्रसव नहीं हो पाने पर उन्हें घर भेज दिया जाता है। बार-बार अस्पतालों के चक्कर काटने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस परेशानी को दूर करने के लिए वेटिंग रूम बनाए गए हैं।