भीताकोट तक सड़क बनाने की मांग को लेकर क्रमिक अनशन पर डटे ग्रामीण शुक्रवार को तहसीलदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर सल्ट थाने पहुंच गए। मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो इन लोगों ने थाने को काफी देर तक घेरे रखा। इनका आरोप था कि तहसीलदार ने पूर्व में चक्का जाम के दौरान लोगों को भरोसा दिलाया था कि अधिकारियों से बात कराई जाएगी।तहसीलदार ने अपना वादा पूरा नहीं किया।
जसपुर कोट के कटियाखाल में पिछले 23 दिन से कुमियाचौड़, टीट, जसपुर तल्ला सहित दस गांवों के लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं। शुक्रवार को बारिश के बावजूद प्रदर्शन कर रहे गुणानंद ध्यानी, अमित रावत, इंद्र सिंह, सतपाल सिंह, पवन रावत, अनिल रावत, अमित सिंह, रेवती देवी, संपत्ति देवी, मोहनी देवी आदि यहां से उठकर सीधे सल्ट थाने पहुंच गए। इनका आरोप था कि 21 जनवरी को जालीखान में चक्का जाम के दौरान तहसीलदार सतीश चंद्र बर्थवाल ने 24 जनवरी को अनशन स्थल पर ही अधिकारियों से बातचीत कराने का आश्वासन दिया था। 24 को अनशन स्थल पर कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। तहसीलदार वादे पर खरे नहीं उतरे, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। एसआई सुनील धानिक ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि एसडीएम सल्ट ने 24 जनवरी को विभागों के साथ बैठक कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है। इसके बाद ही लोग शांत हुए। क्रमिक अनशन में अनीता देवी, शांति देवी, रेवती देवी, शाखा देवी, गोविंद देवी आदि बैठे।