अल्मोड़ा के खजांची मोहल्ले में रहने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की लेफ्ट आर्म स्पिनर एकता बिष्ट इस साल सितंबर से अब तक रणजी और अन्य राष्ट्रीय स्तर की घरेलू प्रतियोगिताओं में सबसे अधिक 16 विकेट ले चुकी हैं।
टी-ट्वंटी विश्व कप में हैट्रिक लेने वाली दुनिया की एकमात्र महिला खिलाड़ी एकता का सपना अब मार्च 2016 में भारत में होने वाले टी-ट्वंटी विश्व कप में बेहतर प्रदर्शन करके भारत को विजेता देखने का है।
हाल में हुई घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के बाद कुछ दिनों के लिए अल्मोड़ा पहुंचीं एकता ने अमर उजाला से खास बातचीत में बताया कि सितंबर से शुरू हुए सीजन में अब तक देश के विभिन्न स्थानों पर हुई सुपरलीग, रणजी और अन्य राष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों में उन्होंने 16 विकेट झटके हैं।
गेंदबाज के तौर पर इस अवधि में अन्य सभी महिला क्रिकेट खिलाड़ियों में वह सर्वश्रेष्ठ स्थान पर हैं। भारतीय टीम में लेफ्ट आर्म स्पिनर के तौर पर स्थापित हो चुकीं एकता पिछले चार सालों में अब तक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अब तक 26 वन डे, 16 टी-ट्वंटी और एक टेस्ट मैच में हिस्सा ले चुकी हैं।
मालूम हो कि अब तक महिला क्रिकेट टीम ने एक मात्र टेस्ट मैच ही खेला है। जो इंग्लैंड के साथ खेला गया था। एकता का अब तक का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है।
अगले माह शुरू होने जा रही वन डे सीरीज में हिस्सा लेने वह आस्ट्रेलिया जाएंगी। इसके बाद मार्च 2015 में टी-ट्वंटी विश्व कप भारत में ही होना है। एकता का कहना है कि 2015 के टी-ट्वंटी और 2017 में होने वाले वन-डे विश्वकप में शानदार प्रदर्शन के बल पर वह भारत को विजेता देखना चाहती हैं।
एकता का अब तक का सफर काफी शानदार रहा है। 2012 में हुए टी-ट्वंटी विश्वकप में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ हैट्रिक लेकर तहलका मचाया था। वह टी-ट्वंटी विश्वकप में हैट्रिक लेने वाली एकमात्र गेंदबाज हैं।
यहां तक पहुंचने का वह मुख्य श्रेय अपने कोच लियाकत अली को देती हैं। उन्हीं को वह प्रेरणादायी मानती हैं। महिला क्रिकेट में नीतू डेविड और पुरुषों में एबी डेविलियर्स उनके पसंदीदा खिलाड़ी हैं।
निम्न मध्यम परिवार की एकता बिष्ट अल्मोड़ा में ही क्रिकेट सीखकर भारतीय टीम का हिस्सा बनीं। बचपन में घर के पास हुक्का क्लब के आंगन में अपने साथियों के साथ शौकिया क्रिकेट खेला करती थीं। 2002 में उन्होंने प्रैक्टिस के लिए अल्मोड़ा के छोटे से स्टेडियम जाना शुरू किया।
एकता की प्रतिभा को पहचानकर अल्मोड़ा स्टेडियम में क्रिकेट के कोच लियाकत अली ने उन्हें लेफ्ट आर्म स्पिन गेंद करने की प्रैक्टिस करानी शुरू की।
एकता ग्रेजुएट की पढ़ाई के दौरान ही कुमाऊं विश्वविद्यालय की टीम में चयनित हो गई। उत्तराखंड की महिला क्रिकेट टीम नहीं बन पाने के कारण वह उत्तर प्रदेश की टीम से खेलने लगीं। लगातार शानदार प्रदर्शन के आधार पर एकता जुलाई 2011 में भारतीय टीम में शामिल कर ली गई।