स्याल्दे (अल्मोड़ा)। तहसील का दर्जा मिले एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद स्याल्दे तहसील आज भी स्टाफ और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रही है। लोगों का कहना है कि जिले की प्रमुख तहसीलों में शामिल होने के बावजूद यहां कई महत्वपूर्ण पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं, जिससे लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
तहसील में नायब नाजिर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, तहसील पेशकार (एमजे), तहसीलदार और संविदा ऑपरेटर के पद खाली हैं। वर्तमान में रजिस्ट्रार कानूनगो, राजस्व लेखाकार और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के भरोसे ही कामकाज चल रहा है। जबकि तहसील के अंतर्गत 20 पटवारी क्षेत्र आते हैं और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपने कार्यों के लिए यहां पहुंचते हैं। लोगों ने बताया कि तहसील में जनरेटर की व्यवस्था भी नहीं है। बिजली गुल होने पर पूरा काम ठप हो जाता है, जिससे दूर-दराज से आने वाले लोगों को बिना काम कराए लौटना पड़ता है। जनप्रतिनिधियों ने शासन से रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
रिक्त पदों को भरना शासन स्तर का विषय है। कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के लिए जिला स्तर पर अधिकारियों से वार्ता की गई है। समस्या के समाधान के लिए जल्द प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल उपलब्ध कर्मचारियों के माध्यम से तहसील का कार्य सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है। - आबिद अली, तहसीलदार, स्याल्दे