स्याल्दे-बिखौती मेले के दूसरे दिन बटपूजै के मौके पर नौज्यूला धडे़ में शामिल पांच गांवों हाट, कौंला, भूमकिया, सलालखोला और ध्याड़ी गांव के लोगों ने ओड़ा भेंटा। नगाड़े निशांणों और रणसिंग की गर्जना के बीच सभी समूह के लोग झोड़ा चांचरी गाते हुए मुख्य चौराहे पर स्थित ओड़ा स्थल तक पहुंचे।
इस दौरान मेला स्थल पर सैकड़ों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। मेलार्थियों ने घरों की छतों और अन्य ऊंचे स्थानों पर खडे़ होकर ओड़ा भेंटने की रस्म का आनंद लिया। इससे पूर्व विभांडेश्वर में हुए रात के मेले में 11 जोड़ा नगाड़े पहुंचे थे। जिसमें खलना, असगोली, बाली बनोली, बेढुली, छतगुल्ला, गसेरा, सलना, बूंगा, कुर्द मैनाली, वलना तथा रणा के नगाड़े और निशाण शामिल थे।
मेले के दौरान विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने सांस्कृतिक जुलूस निकाला। इसमें विभिन्न विद्यालयों की झांकियां शामिल थी। झांकियां घटगाड़ से शुरू होकर मुख्य चौराहे पर समाप्त हुई। इस दौरान केदारनाथ की झांकी, राजजात यात्रा और झोड़ा गाती बालिकाओं ने समा बांध दिया। इस दौरान बच्चों ने कलश यात्रा भी निकाली।