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‘स्यूनराकोट’ में बीता प्रसून का बचपन

Mon, 30 Mar 2015 11:06 PM IST
रमेश जोशी/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
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प्रसिद्ध गीतकार और एड गुरु प्रसून जोशी को पद्मश्री पुरस्कार मिलने से अल्मोड़ा भी गौरवान्वित हुआ है। यह भी सुखद संयोग है कि प्रसून जोशी ने अल्मोड़ा के स्यूनराकोट में जिस घर में बचपन बिताया, वही घर ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता कविवर सुमित्रानंदन पंत का पैतृक आवास भी रहा था। प्रसिद्ध कवि पंत को पद्मश्री तो नहीं मिला, लेकिन पंत जी से प्रेरणा लेकर साहित्य सृजन में लगे प्रसून की उपलब्धि प्रेरणादायी है।
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हिंदी सिनेमा में कई हिट गीत देने वाले प्रसून बहुमुखी प्रतिभा के धनी, मिलनसार स्वभाव के हैं। वह जब भी अल्मोड़ा आते हैं तो क्षेत्र की साहित्यिक, सामाजिक गतिविधियों के बारे में चर्चा अवश्य करते हैं। देवेंद्र जोशी और सुषमा जोशी के पुत्र प्रसून जोशी का जन्म 16 सितंबर 1968 को हुआ। उनके पिता शिक्षा विभाग में थे। उन्होंने पिता के साथ रह कर अल्मोड़ा समेत टिहरी, गोपेश्वर, रुद्रप्रयाग, चमोली, नरेंद्रनगर आदि स्थानों से पढ़ाई की। एमएससी, एमबीए करने के बाद वह साहित्यिक साधना में लगकर सफलता की सीढ़ियां चढ़ते गए। उनका आवास पहले सुमित्रानंदन पंत का पैतृक घर था। इस घर को हवालबाग के स्यूनराकोट गांव निवासी कविवर पंत के पिता पंडित गंगा दत्त पंत ने बनवाया और इसे स्यूनराकोट नाम दिया। कोट का शाब्दिक अर्थ किला भी है। बाद में पंडित गंगा दत्त पंत ने यह घर प्रसून जोशी के पिता को सौंप दिया। अल्मोड़ा के जाखनदेवी के समीप स्थित स्यूनराकोट नाम से जाने जाने वाला यही एक मात्र घर है। प्रसून जोशी के पद्मश्री से सम्मनित होने पर क्षेत्र के लोग स्वयं को सम्मानित महसूस कर रहे हैं।
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