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उपपा कार्यकर्ताओं ने धरना दिया, ग्रीष्मकालीन राजधानी अधिसूचना की प्रतियां जलाई

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अल्मोड़ा में ग्रीष्मकालीन राजधानी अधिसूचना की प्रतियां जलाते उपपा कार्यकर्ता। - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। ग्रीष्मकालीन राजधानी संबंधी नोटिफिकेशन के विरोध में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना दिया। उन्होंने ग्रीष्मकालीन राजधानी की अधिसूचना को उत्तराखंड की अवधारणा से छल बताकर अधिसूचना की प्रतियां जलाईं। उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता सरकारों की सरपस्ती में यहां की जमीन पर पूंजीपतियों, माफिया के कब्जे और गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन सैरगाह बनाने का विरोध करती है। राज्य को बर्बाद करने वाली नीतियों को बदले बिना गैरसैंण की अवधारणा साकार नहीं हो सकती।
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वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस, भाजपा के नकली गैरसैंण और उत्तराखंड की अवधारणा को साकार करने के साथ असली गैरसैंण के बीच के अंतर को समझने का वक्त आ गया है। कहा कि राज्य निर्माण के 20 वर्षों में भी राज्य की स्थायी राजधानी का फैसला न होना निंदनीय है। राजधानी घोषित किए बिना देहरादून में अरबों के निर्माण करा अपनी सियासी जरूरतों के हिसाब से गैरसैंण का राग अलापना राज्य आंदोलनकारियों के साथ विश्वासघात है। उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य में दो राजधानियां बनाना राज्य की जनता से धोखा है। पिछले कई सालों से सत्ता में बैठे राजनीतिक दलों ने राज्य की परिकल्पना को ध्वस्त कर इसके स्वरूप को विकृत कर राज्य को बर्बाद कर दिया। जनता को समान रूप से न शिक्षा, स्वास्थ्य की सुविधा मिल रही है न रोजगार। कांग्रेस, भाजपा की सरकारों ने कृषि भूमि की खुली लूट की छूट दी है। राज्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था चरमरा गई गई है। यदि यही नीतियां रहेेंगी तो गैरसैंण की अवधारणा खंडित हो जाएगी। गैरसैंण में स्थायी राजधानी बनाना समय की मांग है। धरने में पार्टी की केंद्रीय सचिव आनंदी वर्मा, गोपाल राम, धीरेंद्र, लीला आर्या, हीरा देवी, अनीता बजाज, चंपा सुयाल, रेशमा परवीन, किरन आर्या, राजू गिरी, कमर खान, प्रकाश चंद्र आदि रहे।
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