सुकन्या समृद्धि बचत खाता योजना के तहत अल्मोड़ा में दस साल से कम उम्र की करीब 300, बागेश्वर में 100 कन्याओं के खाते खुल चुके हैं। सहायक डाक अधीक्षक जगत चंद ने बताया कि इस योजना के तहत 10 साल से कम उम्र की कन्याओं के खाते एक हजार रुपए से खोले जा रहे हैं। इस खाते में सालभर में एक हजार से डेढ़ लाख रुपए तक जमा किए जा सकते हैं। जमा राशि में 9.1 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलेगा। यह खाते माता-पिता के नाम से खुलते हैं। जमा राशि पर आयकर में भी छूट मिलती है। एक दंपति की दो कन्याओं का ही खाता खोला जा सकता है। कन्या की उम्र 18 साल होने पर जमा की गई धनराशि में अधिकतम आधी धनराशि निकाली जा सकती है। 18 साल की उम्र के बाद संबंधित कन्या की शादी होने पर किसी भी वक्त जमा की गई पूरी राशि निकाली जा सकती है। संबंधित कन्या का विवाह न होने पर 21 साल में खाता बंद कर दिया जाएगा। परिपक्वता के बाद भी खाता बंद नहीं किया गया तो ब्याज मिलता रहेगा लेकिन आगे धनराशि जमा नहीं की जा सकेगी।
अब बैंकों में भी शुरू हो रही है यह योजना
अल्मोड़ा। सुकन्या समृद्धि बचत योजना डाकघरों के बाद अब बैंकों में भी शुरू हो रही है। लीड बैंक प्रबंधक मदनगोपाल वर्मा ने बताया कि निर्देश मिलने पर सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में यह योजना होगी।
अल्मोड़ा में हर साल बढ़ रही है कन्या जन्म दर
अल्मोड़ा। जिले के लिए यह स्थिति सुखद है कि पिछले कुछ सालों से यहां कन्या जन्मदर बढ़ी है। सीएमओ कार्यालय के मुताबिक पिछले तीन सालों में लगातार कन्या जन्म दर बढ़ रही है। भ्रूण हत्या पर रोक के लिए क्लीनिकों में छापामारी आदि के साथ ही लोगों की सोच में बदलाव, जागरूकता को भी इसको प्रमुख कारण माना जा रहा है।
बागेश्वर में खुले 100 सुकन्या खाते
बागेश्वर। लीड बैंक प्रबंधक नरेंद्र कुुमार ने बताया कि शासन से स्पष्ट निर्देश न मिलने के कारण खाते खोलने में देरी हुई है। फिलहाल एसबीआई की कठायतबाड़ा शाखा में 100 खाते खोले गए हैं। अब एसबीआई, पीएनबी की अन्य शाखाओं को भी सर्कुलर भेजा गया है। अन्य बैंकों को जिम्मेदारी सौंपने की कार्रवाई निर्देशों के मुताबिक की जाएगी। उन्हाेंने बताया कि खाते खोलने के लिए अभी तक शिक्षा विभाग के कार्यालयों, स्कूलों, ब्लाक कार्यालयों से बालिकाओं का विवरण लिया जा रहा है जबकि डाक विभाग से सूचना नहीं मिल सकी।
लिंगानुपात में पिछड़ी बालिकाएं
बागेश्वर। जिले में बालिकाओं का लगातार घटता लिंगानुपात चिंताजनक रहा है। सीएमओ डा. जेसी मंडल ने बताया कि वर्ष 2012-13 में 2011 बालक, 1850 बालिकाओं ने, 2013-14 में 1940 बालक, 1704 बालिकाओं ने, 2014-15 में 1718 बालक, 1571 बालिकाओं ने जन्म लिया। सालाना एक हजार बालकों पर यह लिंगानुपात क्रमश: 919, 878, 914 है। इसका प्रतिशत क्रमश: 92, 88, 91 फीसदी है।