संविधान दिवस के मौके पर उत्तराखंड सरकार के स्थायी अधिवक्ता सुहास जोशी को दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सम्मानित किया। जोशी को यह सम्मान उनकी पुस्तक ‘सरकार सिविल कोर्ट प्रैक्टिस एंड प्रोसीजर मैनुअल, 13वा संस्करण’ के संशोधन संपादक के रूप में कार्य करने के लिए दिया गया।
मूल रूप से सोमेश्वर के निकट ग्राम माला निवासी प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो. एमपी जोशी के पुत्र सुहास जोशी की विद्यालयी शिक्षा बिरला पब्लिक स्कूल पिलानी, राजस्थान एवं पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार नैनीताल से हुई। उन्हाेंने कानून की शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से प्राप्त की। वह सर्वोच्च न्यायालय में एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड भी हैं। इससे पूर्व भी जोशी को यह सम्मान उनकी पुस्तक द एमएलजे मैनुअल ऑन कंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया के लिए मिल चुका है। पुस्तक की प्रस्तावना सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एके पटनायक ने लिखी थी। सुहास जोशी अब तक लगभग नौ बहुखंडीय पुस्तकों पर कार्य कर चुके हैं। इनमें से तीन पुस्तकों पर उन्हें सम्मान प्राप्त हुआ है।