अल्मोड़ा। जागेश्वर में मास्टर प्लान के तहत विस्थापन के लिए इसकी जद में आने वाले प्रभावितों के सुझाव मांगे जाएंगे। इसमें लोग अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं जिसके लिए प्रशासन जल्द ही बैठक करेगा। मास्टर प्लान का फाइनल ब्लू प्रिंट मिलने के बाद बैठक होगी।
जागेश्वर धाम के विस्तारीकरण के लिए मास्टर प्लान की कवायद शुरू हो गई है। प्रशासन की टीम इन दिनों जागेश्वर बाजार और आसपास के क्षेत्र में मकान, दुकान और होटलों की नापजोख कर रही है जिससे स्थानीय लोगों में विस्थापन को लेकर चिंता है। डीएम वंदना ने कहा है कि जागेश्वर धाम के मास्टर प्लान का फाइनल ब्लू प्रिंट कंसल्टेंसी ने प्रशासन को नहीं दिया है। स्थानीय लोगों को विस्थापन और पुनर्वास को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।
डीएम ने बताया कि मास्टर प्लान का फाइनल ब्लू प्रिंट मिलने के बाद स्थानीय लोगों के साथ बैठक की जाएगी। उनके हितों के अनुरूप ही विस्थापन और पुनर्वास का कार्य होगा। मास्टर प्लान का ब्लू प्रिंट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। विस्थापन की जरूरत पड़ने पर स्थानीय लोगों के साथ बैठक की जाएगी और उनसे आपत्ति और सुझाव मांगे जाएंगे।
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मुआवजा देने, विस्थापित करने की मांग को लेकर अनशन जारी
कांडा (बागेश्वर)। बखेत खड़िया खान से हुए नुकसान की भरपाई और विस्थापित करने की मांग को लेकर ग्रामीण का आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। आमरण अनशनकारी प्रमोद राम के समर्थन में कई लोगों ने धरना दिया।
आंदोलनकारियों ने कहा कि खड़िया खनन के कारण खेतों को नुकसान पहुंचा है। मकानों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। मुआवजा देने और विस्थापित करने की मांग पूरी नहीं की जा रही है। कहा कि मलबे के कारण गांव में बरसाती नाला बंद हो गया है। रास्ते ध्वस्त हो गए हैं। नाले को खोला जाना चाहिए। रास्ते और खेतों के आसपास सफाई की जानी चाहिए। चेतावनी दी कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरने पर प्रेम राम, हेमंत कुमार, आनंद राम, नंद राम, पवन कुमार, दीवान राम, जगदीश कुमार आदि बैठे। संवाद