मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट में रचनात्मक महिला मंच के बैनर तले क्षेत्र की महिलाओं और अन्य लोगों ने जंगली जानवरों से निजात दिलाने की मांग को लेकर जुलूस निकाला। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आए दिन जंगली जानवरों के हमले में महिलाएं जान गंवा रही हैं। हालात यह हैं कि बच्चों को जंगलों के बीच रास्तों से स्कूल भेजने में भी डर लग रहा है। महिलाएं पशुओं के लिए चारा लेने जंगल और खेतों में नहीं जा पा रही हैं। कहा कब तक जंगली जानवरों के हमले में क्षेत्र की महिलाएं अपनी जान गंवाती रहेंगी।
बुधवार को महिलाओं और अन्य लोगों ने मुख्य बाजार में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते जुलूस निकाला और तहसील पहुंचकर तहसीलदार दलीप सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में वन्य जीवों का आतंक बढ़ने से उनका जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कुछ दिन पूर्व ही क्षेत्र में बाघ के हमले में दो महिलाओं को जान गंवानी पड़ी जबकि एक महिला घायल हुई। अब भी क्षेत्र में वन्य जीवों का आतंक बना है।
महिला मंच की सुनीता देवी ने कहा कि जंगली जानवर के हमले में मौत पर परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजा दिया जा रहा है जो कम है। महिलाओं ने जंगली जानवर के हमले में हुई मौत पर 25 लाख, खच्चर की मौत पर एक लाख और बकरी की मौत पर 20 हजार रुपये मुआवजा देने और फसलों को होने वाले नुकसान की मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग की।
चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी तो उग्र आंदोलन होगा। इस मौके पर थला के सरपंच प्रयाग दत्त, प्रधान विजय ध्यानी, श्रम योग के सदस्य अजय कुमार, शंकर दत्त, आसना, दिव्या, उमा, अनीता, विक्रम, सुरेंद्र, राकेश सहित क्षेत्र के कई गांवों की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मौजूद रहीं। संवाद
मोवड़ी और भुईना में तेंदुए ने कई मवेशियों को बनाया निवाला
रानीखेत (अल्मोड़ा)। तहसील के गांवों में तेंदुए की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। मोवड़ी सहित भुईना, धूरा, जखोली, पाली आदि गांवों में तेंदुए ने अब तक कई जानवरों को निवाला बना लिया है। इससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार तेंदुआ अब तक गिरधर सिंह के दो बैल, लाल सिंह की दो गाय, पूरन सिंह व गिरधर सिंह का एक-एक बैल तथा नंदन सिंह, संतोष कुमार, ख्याल सिंह और देवेंद्र सिंह की एक-एक बकरी को मार चुका है। शाम होते ही तेंदुआ आबादी की ओर रुख कर रहा है जिससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। वन पंचायत सरपंच सूरज बिष्ट और प्रताप सिंह, नंदन सिंह, बसंती देवी, मुन्नी देवी, चंपा देवी, रमोती देवी, आनंद सिंह, प्रताप सिंह, नर सिंह, मोहन सिंह आदि ने प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के साथ ही तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है। वन क्षेत्राधिकारी तापस मिश्रा ने बताया कि जरूरत पड़ने पर पिंजरा लगाया जाएगा।
इनसेट
फयाटनौला में ट्रैप कैमरे में कैद हुई तेंदुए की गतिविधि
रानीखेत (अल्मोड़ा)। तहसील के दूरस्थ फयाटनौला में युवक को मौत के घाट उतारने वाला तेंदुआ अभी तक पिंजरे में कैद नहीं हो सका है। हालांकि वन विभाग की टीम वहां नियमित रूप से गश्त कर रही है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ट्रैप कैमरे में तेंदुए की कुछ गतिविधियां कैद हुई हैं। आठ दिन बाद भी तेंदुए को आदमखोर घोषित नहीं किया गया है। गांव में अभी भी दहशत का माहौल बना हुआ है। वन क्षेत्राधिकारी तापस मिश्रा ने बताया कि कुछ दिन तक मूवमेंट नहीं मिली थी। एक दिन पूर्व तेंदुए की कुछ गतिविधियां ट्रैप कैमरे में देखी गई हैं। जल्द ही तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा। संवाद
नदीगांव में तेंदुआ दिखने से ग्रामीणों में दहशत
मंगलवार तड़के तीन बजे तक मंडराता रहा तेंदुए का जोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। नगर के नदीगांव क्षेत्र में तेंदुआ दिखने से लोग भयभीत हैं। मंगलवार रात दो तेंदुए नदीगांव क्षेत्र में आ धमके। तड़के तीन बजे तक क्षेत्र में तेंदुए देखे गए। तेंदुओं की धमक से भयभीत लोगों ने पिंजरा लगाने की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार की देर शाम दो तेंदुए नदीगांव में आ धमके। तेंदुए काफी देर तक गुर्राते रहे। तेंदुए नदीगांव निवासी सुनील उप्रेती के आंगन में मंडराते रहे। बुधवार तड़के करीब तीन बजे तक लोगों ने तेंदुओं के गुर्राने की आवाज सुनी। जिला मुख्यालय से सटे इलाके में तेंदुओं के आने से की लोगों में भय है। लोगों को तेंदुओं के हमले का भय सता रहा है।
स्थानीय निवासी पूरन सिंह, सुनील उप्रेती आदि ने कहा कि पहले भी नदीगांव में शाम होने के बाद तेंदुए मंडराते रहे हैं। तेंदुओं की गांव में दस्तक से लोगों को हमले का डर सता रहा है। लोग शाम होते ही घरों के दरवाजे बंद कर ले रहे हैं। अकेले में बच्चों को घर से बाहर भेजने में डर लग रहा है। इन लोगों ने पिंजरा लगाकर तेंदुओं को पकड़ने की मांग की है। उधर, वन रेंजर श्याम सिंह करायत का कहना है कि नदीगांव में तेंदुओं की गतिविधि बढ़ने की जानकारी नहीं है। क्षेत्र में गश्त की जाएगी। तेंदुओं के मूवमेंट पर नजर रखी जाएगी।