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Almora News: उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हो रहे बदलावों का अध्ययन करेंगे विद्यार्थी

Sun, 24 Aug 2025 11:42 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विवि के छात्र-छात्राएं अब मूल विषयों के साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हो रहे बदलावों और जलवायु परिवर्तन के कारणों को भी जानेंगे। मानवीय हस्तक्षेप के कारण हिमालय के भौतिक स्वरूप में लगातार हो रहे बदलाव का गहन अध्ययन कर विद्यार्थी ग्लेशियरों के पिघलने, भूस्खलन, बादल फटने जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए पहल करेंगे।
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एसएसजे विवि के भूगोल विषय के छात्र-छात्राएं नए शिक्षा सत्र में कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम के तहत जलवायु परिवर्तन और पहाड़ों में अनुकूलनशीलता विषय के बारे में अध्ययन करेंगे। स्नातक स्तर में छात्र-छात्राओं को पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र और भूगोल का परिचय, जलवायु परिवर्तन के मूल सिद्धांत, पर्वतीय क्षेत्रों पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव, पर्वतीय संरक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र, जलवायु परिवर्तन से जुड़ी अनुसंधान परियोजनाओं आदि के बारे में पढ़ाया जाएगा।
विद्यार्थियों को जलवायु परिर्वतन के समाधान खोजने के लिए तैयार किया जाएगा। पर्वतीय क्षेत्रों की नाजुक पारिस्थितिकी और बदलते मौसम की चुनौतियों को देखते हुए विवि की यह पहल भविष्य में बेहद अहम साबित हो सकती है। संवाद
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शोध कार्य को मिलेगी गति
पहाड़ बदलती जलवायु के प्रभावों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं।
जलवायु परिवर्तन से जैव विविधता को भी खतरा पैदा हो रहा है। विवि के विद्यार्थी हिमालयी जलवायु परिवर्तन का अध्ययन करेंगे तो यहां शोध कार्य को गति मिलेगी। ये शोध हिमालयी क्षेत्रों में नीति निर्माण और पर्यावरण संरक्षण में नई दिशा तय कर सकते हैं।

जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभाव
तापमान में हो रही बढ़ोतरी के कारण ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण पहाड़ में बादलों के फटने की घटनाओं में तेजी आई है, इससे बाढ़ और भूस्खलन हो रहे हैं। इस परिर्वतन से जैव विविधता को खतरा हो रहा है।
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कोट
छात्र-छात्राओं को जलवायु परिवर्तन के मूल सिद्धांत और कारणों के बारे में पढ़ाया जाएगा। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थी हिमालयी क्षेत्रों में हो रहे भौतिक और जलवायु पर पड़ रहे प्रभावों को जानेंगे। उन्हें इस दिशा में समाधान के लिए भी तैयार किया जाएगा। - डॉ. पूरन जोशी, प्राध्यापक भूगोल विभाग, एसएसजे परिसर अल्मोड़ा।
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