रानीखेत/भतरौंजखान (अल्मोड़ा)। ओण दिवस पर रानीखेत महाविद्यालय में वनाग्नि रोकथाम पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इसमें एनसीसी, रेड क्रॉस, रोवर्स रेंजर्स और एनएसएस स्वयंसेवियों ने प्रतिभाग किया। मुख्य वक्ता डॉ. जेएस रावत ने वनाग्नि के कारणों, दुष्प्रभावों और बचाव के तरीके बताए। प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पांडे ने कहा कि उत्तराखंड में वनाग्नि गंभीर समस्या है जिसे सामूहिक प्रयासों से ही रोका जा सकता है। इस दौरान रोवर्स रेंजर्स ने अग्निशमन उपकरणों के उपयोग के बारे में बताया। वहां डॉ. सत्यामित्र सिंह, डॉ. कमला देवी, डॉ. पीके जोशी, पारुल भरद्वाज, डॉ. शंकर कुमार, डॉ. किरण, डॉ. आस्था अधिकारी, डॉ. रेखा भट्ट, डॉ. निर्मला जोशी आदि मौजूद रहीं। उधर अटल उत्कृष्ट जीआईसी चौनलिया में ओण दिवस पर प्रधानाचार्य डॉ. महेश दुर्गपाल ने जंगलों में आग लगने के कारण का और वनाग्नि रोकथाम की जानकारी दी। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने नए शिक्षा सत्र में कक्षाओं में प्रवेश लिया। वहां एसएमसी अध्यक्ष जगदीश चंद्र पांडेय, जगत सिंह भंडारी, अनिल कुमार, राकेश नेगी खुसाल राम, रेशमा परवीन आदि मौजूद रहे।
ओण दिवस पर वनाग्नि जागरूकता कार्यक्रम
स्याल्दे/अल्मोड़ा। ब्लाॅक के अधिकतर शैक्षणिक संस्थानों में ओण दिवस कार्यक्रम वनाग्नि जागरूकता दिवस के रूप में मनाया गया। स्याल्दे, गुमटी, सराईखेत, देघाट, कलियालिगुड सहित अन्य विद्यालयों में बच्चों और स्टाफ को जंगलों में आग लगने के कारणों और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य किशोर बवाड़ी आदि रहे।
ओण दिवस पर जंगलों में आग से सुरक्षा के लिए जागरूकता कार्यक्रम
चौखुटिया। गोपाल बाबू गोस्वामी राजकीय महाविद्यालय चौखुटिया में ओण दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं को जंगलों में लगने वाली आग से बचाव और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई। प्राचार्य प्रो. शालिनी शुक्ला ने कहा कि ओण दिवस का उद्देश्य वनाग्नि की घटनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करना है। आपदा प्रबंधन समिति के प्रभारी डॉ. एपिन सिंह ने विद्यार्थियों को वनाग्नि से जुड़े खतरों और बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। डॉ. सविता पांडे ने भी जंगलों में आग लगने के कारणों और उससे सुरक्षित रहने के तरीकों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में रोवर रेंजर्स, एनएसएस और यूथ रेडक्रॉस के स्वयंसेवियों सहित अन्य छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। यहां डॉ. प्रभाकर त्यागी, डॉ. शीला, डॉ. विजय पाल मुंड, श्रीमती ज्योति, प्रीति शाह, श्रीमती ममता, आनंद सिंह और संजय गिरी समेत कई लोग मौजूद रहे।