कुविवि एसएसजे परिसर में कुलानुशासक मंडल की टीम ने मंगलवार को चेकिंग अभियान शुरू किया। इस दौरान टीम ने दूसरी कक्षाओं में बैठे करीब 36 छात्र-छात्राओं के परिचय पत्र जमा कर लिए। कुलानुशासक मंडल की टीम को इस दौरान सात परिचय पत्र गलत मिले। इधर परिचय पत्र जमा होने पर छात्रों ने कुलानुशासक मंडल की टीम के सामने जमकर हंगामा कर उनका घेराव भी किया। बाद में प्रार्थना पत्र लिखवाने के बाद छात्रों को परिचय पत्र वापस कर दिए गए। कुलानुशासक मंडल की टीम ने सोमवार 27 अगस्त से परिसर में बगैर परिचय पत्र के घूमने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
मंगलवार सुबह कुलानुशासक मंडल की टीम ने बीए संकाय का निरीक्षण किया। इस दौरान अन्य कक्षाओं के छात्र-छात्राएं कला संकाय में बैठे मिले। जिस पर टीम ने सभी 36 छात्र-छात्राओं के परिचय पत्र जमा कर लिए। जिन छात्रों के पास परिचय पत्र नहीं थे उनके आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जमा कर लिए।
इस दौरान सात छात्र-छात्राओं के परिचय पत्र गलत पाए गए। कुलानुशासक की टीम ने जांचकर प्रार्थना पत्र लिखवाकर सुधार करने के निर्देश दिए। इसके बाद टीम मुख्य परिसर पहुंची। इसी बीच कई छात्र और छात्रनेता कुलानुशासक मंडल के पास पहुंच गए। उन्होंने कुलानुशासक से छात्रों के परिचय पत्र के अलावा आधार और डीएल लिए जाने का कारण पूछा।
संतुष्ट नहीं होने पर छात्रों ने कुलानुशासक का घेराव करते हुए कालेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। काफी देर तक हंगामा होने के बाद कुलानुशासक मंडल की टीम ने सभी 36 छात्र-छात्राओं से प्रार्थना पत्र लिखवाकर उनके परिचय पत्र और आधार कार्ड वापस कर दिए।
बाद में कुलानुशासन मंडल और छात्रसंघ पदाधिकारियों के बीच वार्ता हुई। जिसमें सोमवार 27 अगस्त से परिसर में बिना परिचय पत्र के आने पर रोक, कक्षाओं में संभावित प्रत्याशियों द्वारा किसी भी प्रकार का प्रचार नहीं करने, परिसर की दीवारों में बैनर, पोस्टर नहीं लगाने और शिक्षण कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने वाले छात्र-छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया। चेकिंग अभियान में कुलानुशासक डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट, डॉ. देवेंद्र धामी, डॉ. दीपक टम्टा, डॉ. दीपक, डॉ. मुकेश सामंत, डॉ. प्रज्ञा वर्मा, डॉ. अमन जिन्नाह, डॉ. संजीव आर्या, डॉ. सविया नाज आदि शामिल थे।