सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। लखनाड़ी गांव में शिक्षा के महत्व विषय पर हुई गोष्ठी में मुख्य अतिथि राजकीय महाविद्यालय सोमेश्वर की प्राचार्या सोनी टम्टा ने कहा कि शिक्षा का मूल्य उद्देश्य नौकरी पाना और धनोपार्जन करना ही नहीं होना चाहिए, अपितु विद्यार्थियों को नेक इंसान, संवेदनशील, समाज के हित में सोचने और कार्य करने वाला इंसान बनाना होगा।
अध्यक्षता करते हुए साहित्यकार डा. कपिलेश भोज ने कहा कि युवा पीढ़ी का पाश्चात्य संस्कृति की ओर झुकाव बढ़ रहा है। युवा वर्ग नशाखोरी और दिशाहीनता के भंवर में फंसते जा रहा है। जो भविष्य के लिए खतरनाक है। केवल आलोचना करने और चिंता प्रकट करने से स्थिति में सुधार नहीं हो सकता है।
ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में शिक्षकों और अभिभावकों को बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान कर मार्गदर्शन करना चाहिए। कार्यक्रम में बोर्ड परीक्षा में गांव के हाईस्कूल और इंटर बोर्ड परीक्षा में प्रथम स्थान पर रहे मनोज, सूरज, सचिन, काजल, अंजलि, बबीता, शोभा, सरस्वती, भावना, चंद्रा को पुस्तकें देकर पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर खुशाल सिंह, शिव सिंह, गुसाई सिंह ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में देवकी देवी, जानकी देवी, भगवती, हंसी देवी, धन सिंह, दीवान सिंह, कृष्ण सिंह, हीरा सिंह, बालम सिंह, दीवान बोरा आदि मौजूद थे। संचालन अनिल ने किया।