अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना परिसर में सात नवंबर को होने वाले छात्रसंघ चुनाव के लिए एबीवीपी ने अध्यक्ष और छात्रसंघ प्रतिनिधि पद पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। वहीं एनएसयूआई प्रत्याशियों की घाेषणा करने में पिछड़ गई है। टिकट घोषित न होने से संभावित दावेदारों की धड़कन भी तेज हैं। हालांकि दोनों प्रमुख संगठन अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुट गए हैं और विवि, परिसर सहित पूरे नगर में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गईं हैं।
एसएसजे विवि, परिसर और इससे संबद्ध महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव के सिर्फ 10 दिन बचे हैं। एबीवीपी ने दो पदों पर अपने प्रत्याशी घोषित किए हैं लेकिन एनएसयूआई को इसका इंतजार है। ऐसे में संभावित दावेदारों की बेचैनी भी बढ़ गई है। संभावित दावेदार अपने को मजबूत दिखाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे। उनमें पोस्टर वार शुरू हो गया है।
इन सब के बीच चुनावी प्रचार तेज हो गया है। संभावित दावेदार और प्रत्याशी सोशल मीडिया के साथ ही अपने समर्थकों के साथ विद्यार्थियों के घर-घर जाकर नई पुस्तकें, सड़क, फ्री वाईफाई, शौचालय, पेयजल आदि समस्याओं के समाधान का भरोसा दिला रहे हैं।
छात्र संगठन, पुलिस और परिसर प्रबंधन की बैठक हुई
अल्मोड़ा। लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों का पालन कराने के लिए एसएसजे परिसर में छात्रसंघ चुनाव के संभावित दावेदारों, पुलिस और परिसर प्रबंधन के बीच बैठक हुई। परिसर के डीएसडब्लू प्रो. शेखर चंद्र जोशी ने विद्यार्थियों से शांतिपूर्वक चुनाव कराने में सहयोग की अपील की। पुलिस प्रशासन ने चुनाव के दौरान अराजकता फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।
सरकारी संपत्ति पर नजर आ रहे पोस्टर
अल्मोड़ा। भले ही पुलिस और विवि प्रबंधन लिंगदोह कमेटी के अनुसार चुनाव कराने के दावे कर रहा है लेकिन नगर में इसकी खुलेआम अनदेखी की जा रही है। नगर में सार्वजनिक स्थल, सरकारी संपत्ति पर पटे पोस्टर इसका प्रमाण हैं लेकिन इस प्रचार सामग्री पर किसी की नजर नहीं पड़ रही।