आमरण अनशन और धरने पर बैठे छात्र।
- फोटो : अमर उजाला
तीन सूत्रीय मांगों को लेकर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मानिला के पूर्व छात्रसंघ सचिव दिनेश रावत और वीरेंद्र रावत का आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन तेज करते हुए छात्रों ने बुधवार को प्राचार्या, प्राध्यापकों और स्टाफ को कमरों में बंद कर दिया। एक घंटे बाद पहुंचे एसडीएम हेमंत कुमार वर्मा से वार्ता के बाद छात्रों ने बंद कक्षों के ताले खोले।
छात्र महाविद्यालय में स्नातकोत्तर में समाजशास्त्र, संस्कृत, अंग्रेजी, स्नातक में शिक्षाशास्त्र, प्राध्यापकों के रिक्त पद भरने, पेयजल की व्यवस्था करने की मांग को लेकर आंदोलित हैं। आमरण अनशनकारी पूर्व छात्रसंघ सचिव दिनेश रावत ने कहा कि महाविद्यालय 26 साल पुराना है। 450 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन पीने के लिए पानी की व्यवस्था नहीं है। महत्वपूर्ण विषय नहीं होने से छात्रों को अध्ययन के लिए सौ किमी दूर दूसरे महाविद्यालयों में जाना पड़ता है।
गुस्साए छात्रों ने सुबह 10:30 बजे प्राचार्या डा. कमला जोशी, आधा दर्जन प्राध्यापकों और स्टाफ को उनके कक्षों में बंद कर दिया। छात्र एसडीएम से वार्ता करने पर अड़े रहे। एसडीएम हेमंत कुमार वर्मा करीब एक घंटे बाद महाविद्यालय पहुंचे। एसडीएम वर्मा ने छात्रों को मांगों पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि छात्रों की मांगों को लेकर वह पूर्व में विवि प्रशासन को पत्र लिख चुके हैं, लेकिन विवि प्रशासन से अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की, लेकिन छात्र नहीं माने। एसडीएम के पहुंचने पर छात्रों ने कक्षों के ताले खोले। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष जितेंद्र घुघत्याल ने कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन चलता रहेगा। धरने और प्रदर्शन में भुवन चंद्र, त्रिलोक मेहता, दीपक नौटियाल, प्रभा, पुष्पा, मीना, रजनी पाठक आदि मौजूद थे। स्वास्थ्य विभाग के दल ने दोनों अनशनकारी छात्रों के स्वास्थ्य की जांच की।