कलक्ट्रेट का पुनर्गठन करने समेत छह सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होने से नाराज कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी बुधवार को दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार पर रहे। हड़ताल के चलते रजिस्ट्री, जनाधार केंद्र में स्थायी निवास, चरित्र प्रमाण, आय प्रमाण पत्र आदि कार्य नहीं हुए। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में हुई सभा में हड़ताली कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के कई पद लंबे समय से खाली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के पदों पर तत्काल नियुक्ति की जाए। उन्होंने कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों की शैक्षिक योग्यता स्नातक करने, नायब तहसीलदार के पदों पर दस प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अलग उत्तराखंड राज्य बनने के 17 सालों बाद भी कलक्ट्रेट विभाग का पुनर्गठन नहीं किया गया है।
अध्यक्षता वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ललित सिंह भाकुनी ने और संचालन महिला उपाध्यक्ष दीपा पांडे, संयुक्त सचिव तनुज बिष्ट ने किया। इस मौके पर बिशन सिंह नेगी, बलवंत सिंह देवड़ी, महेंद्र सिंह डसीला, गीता भाकुनी, बिमला मठपाल, जुनैदुर रहमान, कमलेश अधिकारी, गीता रानी, लीला बोरा आदि मौजूद थे। इधर भनोली तहसील मुख्यालय में भी कर्मचारियों ने नारेबाजी कर धरना दिया। धरने पर पान सिंह अल्मियां, योगेश तिवारी, पूरन सिंह मेहता आदि बैठे। कर्मचारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
बागेश्वर में भी हड़ताल से जिला और तहसील कार्यालयों का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो गया है। कलक्ट्रेट प्रांगण में हुई सभा में वक्ताओं ने सरकार से अपनी मांगें शीघ्र पूरी करने को कहा है। कार्य बहिष्कार करने वालों में भगत भौर्याल, रश्मि जोशी, भावना कोरंगा, सुनीता आर्या, नीता मिश्रा, रितु आर्या चंदन बनकोटी, दिनेश खेतवाल, हेमंत तिवारी, मंगल बजेठा, लोकमान्य चौड़िया, श्याम गिरी, नंदन खड़ाई, नरेंद्र परिहार कुंदन तिरूवा, दीपक कुमार शामिल थे।