अल्मोड़ा। प्रधान लीसा श्रमिक वेलफेयर सोसायटी के बैनर तले लीसा मेटों और श्रमिकों ने सोमवार को दूसरे दिन भी वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं कार्यालय प्रांगण में धरना दिया। उन्होंने लीसा फसल विदोहन कार्य के लिए मनमाने नियम थोपने का विरोध किया और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। धमकी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 25 नवंबर से वन संरक्षक कुमाऊं वृत्त कार्यालय में तालाबंदी कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि लीसा विदोहन कार्य के लिए वन संरक्षक कुमाऊं वृत्त द्वारा लीसा मेटों और श्रमिकों पर मनमाने नियम थोप जा रहे हैं। जो नियम पूरे राज्य में लागू नहीं हैं उन नियमों को वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं अल्मोड़ा वन प्रभाग में लागू कर रहे हैं। यह अनैतिक नियम लीसा श्रमिकों और मेटों के हितों पर कुठाराघात है।
उन्होंने कहा कि यदि थोपे गए नियम वापस नहीं लिए गए तो 25 नवंबर से वन संरक्षक कार्यालय में तालाबंदी करने को मजबूर होंगे। धरने पर जिलाध्यक्ष किशोर नयाल, दिगंबर सिंह, हरेंद्र बिष्ट, जगत सिंह, राजेंद्र किरौला, सुरेंद्र सिंह बेलवाल, रमेश भाकुनी, दिनेश चंद्र पेटशाली, आशुतोष कनवाल, नंदन सिंह, कुंदन सिंह, भूपाल सिंह, गजेंद्र सिंह, खीम सिंह,उमेद सिह मेहरा आदि ने भाग लिया।