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कृषि विधेयक के खिलाफ गांधी पार्क में दिया धरना

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कृषि विधेयकों के खिलाफ गांधी पार्क अल्मोड़ा में धरना देते विभिन्न संगठनों के लोग। - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। सरकार पर अलोकतांत्रिक तरीके से किसान विरोधी विधेयक संसद में पारित करने का आरोप लगाते अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर किसान सभा समेत विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने शुक्रवार को गांधी पार्क में धरना दिया। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया कि छह साल के कार्यकाल में मोदी सरकार का जनविरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि कारपोरेट परस्त मोदी सरकार पूरी तरह से साम्राज्यवादी ताकतों के आगे घुटने टेक चुकी है। सरकार को जनता के दु:ख दर्द से कोई लेनादेना नहीं रह गया है। सरकार एक के बाद एक अदूरदर्शी निर्णय लेकर जनता की तकलीफों को बढ़ा रही है। जनता बेरोजगारी, भुखमरी, महंगाई से बुरी तरह जूझ रही है और सरकार मजदूर, किसान विरोधी निर्णयों से जनता के घावों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। इसके अलावा जनता की एकता को बांटने का प्रयास भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसान विरोधी विधेयक भारतीय खेती और देश के किसानों को बर्बाद कर देगा। समूचे कृषि क्षेत्र को एग्रो कॉरपोरेट के हवाले करना न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था को खात्मे की ओर ले जाएगा। सार्वजनिक वितरण व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो जाएगी। यह विधेयक देश की खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर देगा। उन्होंने केंद्र से इस विधेयक को वापस लेने की मांग की है। धरने में उत्तराखंड किसान सभा, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति, जनवादी नौजवान सभा, सीटू, दलित शोषण मुक्ति संगठन के दिनेश पांडे, आरपी जोशी, यूसुफ तिवारी, मुमताज अख्तर, अरुण जोशी, योगेश कुमार, स्वप्निल पांडे, सुनीता पांडे, ममता, पूनम तिवारी, जया पांडे, मुन्नी पांडे, प्रमोद जोशी आदि ने भाग लिया।
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किसान संगठनों के आंदोलन को उलोवा का समर्थन
अल्मोड़ा। किसानों की जायज मांगों के लिए किए जा रहे आंदोलन को उत्तराखंड लोक वाहिनी ने समर्थन जताया है। वर्चुवल बैठक में वक्ताओं ने केंद्र द्वारा लाए गए विधेयकों को किसानों के हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों को नहीं मिल पाएगा और छोटे किसान बरबाद हो जाएंगे। साथ ही खाद्यान्न सुरक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर भी असर पड़ेगा। जमाखोर कृत्रिम अभाव पैदा कर महंगाई को बढ़ावा देंगे। मांग की कि सरकार को किसानों और नागरिकों की सुविधाओं के उचित प्रबंध करे। बैठक में जगत रौतेला, पूरन चंद्र तिवारी, जंग बहादुर थापा, सुशीला धपोला, अजय मित्र बिष्ट, अजय मेहता, हरीश मेहता, दयाकृष्ण कांडपाल आदि ने भागीदारी की।
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