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योजनाओं की धीमी प्रगति पर शासन सख्त

Sun, 31 Jan 2016 01:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
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 जिले में करीब एक अरब की लागत से निर्माणाधीन चार पंपिंग योजनाएं निर्धारित समय से डेढ़ वर्ष अधिक गुजर जाने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी हैं।
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योजनाओं  की धीमी प्रगति पर अब शासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। सरकार ने योजनाओं  के लिए आवंटित बजट फरवरी तक खर्च नहीं करने पर इसे वापस लेने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी  दी है। शासन के इस आदेश से निर्माण एजेंसियों के सामने अब इन योजनाओं को समय से पूरा करने की चुनौती है।

जिले के लमगड़ा ब्लॉक में कपिलेश्वर-बानणी देवी और धौलादेवी  ब्लॉक में सरयू-दन्यां-बेलक, पनार-भनोली और दोड़म ग्राम समूह पंपिंग  योजनाएं निर्माणाधीन हैं। इन योजनाओं से तीन सौ से अधिक गांवों को पेयजल  उपलब्ध कराया जाना है।
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 निविदा शर्तों के मुताबिक इन सभी योजनाओं को 2014 के  अंत तक पूरा हो जाना था, लेकिन एक साल से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ है। क्षेत्र के विधायक और विधानसभा अध्यक्ष ने 20 दिसंबर  को कपिलेश्वर-बानणी देवी और दो जनवरी को सरयू पंपिंग योजनाओं का निरीक्षण कर धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजी जताई थी।

जल निगम के अधिकारियों  नेे काम प्रभावित होने का कारण बजट की कमी बताया था। इसके बाद शासन ने आठ करोड़ रुपये अवमुक्त किए थे। अब शासन ने विभाग से काम में तेजी लाते हुए धन को  फरवरी  के अंत तक खर्च करने को कहा है। साथ ही खर्च नहीं होने  पर धनराशि वापस लेने और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है।

इधर जल निगम के सहायक अभियंता ने  बताया कि विभाग को हाल में आठ करोड़ रुपये मिले थे। इसमें से पांच करोड़  रुपये जल निगम की विद्युत और यांत्रिक शाखा को पंप स्थापित करने को दिए गए  हैं। शेष धनराशि से ठेकेदारों द्वारा पूर्व में कराए जा चुके कार्य का  भुगतान कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब काम में काफी तेजी आई है। जल्द ही शासन को फिर से बजट की मांग भेजी जाएगी।
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 विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने जल निगम को निर्माणाधीन चारों  पंपिंग योजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं।  उन्होंने बताया कि गत दिनों जल निगम ने 10 करोड़ की डिमांड शासन को भेजी  थी। इसमें से अब तक आठ करोड़ अवमुक्त हो गए हैं। मांग के सापेक्ष बजट  उपलब्ध कराने में कोई रुकावट नहीं है।
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