अलीगढ़ विधानसभा सीटों का इतिहास
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अल्मोड़ा। 2017 के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों को चुनाव आयोग के कई नियमों से होकर गुजरना पड़ेगा, इसमें एक नियम उम्मीदवार के बस्ते से भी संबंधित है। निर्वाचन आयोग इस चुनाव में पोलिंग बूथ से 200 मीटर बाहर बैठने वाले बस्ते का खर्चा भी उम्मीदवार के निर्वाचन व्यय में जोड़ा जाएगा। चुनाव आयोग ने इस संबध में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित भी कर दिया है। इससे पहले बस्ते में होने वाले खर्च का ब्यौरा नहीं मांगा जाता था।
चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार मतदान के दिन विभिन्न पोलिंग बूथों से 200 मीटर बाहर अपने बस्ते (एजेंट) रखते हैं। संबंधित प्रत्याशियों के प्रतिनिधि इन स्थानों पर बैठकर मतदाता सूची में मतदाताओं के नाम और वोटर संख्या तलाशने में मदद करते हैं। अब तक के विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार के बस्ते में होने वाले खर्च का ब्यौरा निर्वाचन आयोग नहीं मांगता था और यहां होने वाले खर्च का संज्ञान नहीं लिया जाता था, लेकिन इस बार के चुनाव में इसे भी लागू कर दिया गया है।
प्रभारी अधिकारी निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण विक्रम सिंह जंतवाल ने बताया कि निर्वाचन आयोग के नए निर्देश के बाद मतदान केंद्र की 200 मीटर परिधि के बाहर रखे जाने वाले उम्मीदवार के बस्ते का खर्च अब उम्मीदवार के निर्वाचन व्यय में जोड़ा जाएगा। उम्मीदवार को बस्ते में होने वाले खर्च का ब्यौरा भी देना होगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक उम्मीदवार द्वारा चुनाव में खर्च की अधिकतम सीमा 28 लाख रुपए है। 28 लाख के पार पहुंचने पर नियमानुसार उम्मीदवार का निर्वाचन रद्द या भविष्य में चुनाव लड़ने की योग्यता समाप्त हो सकती है।