अल्मोड़ा। पालतू पशुओं की दुर्घटना में मौत होने पर सभी पशुपालकों को अब पशु क्षति का बीमा लाभ मिलेगा। उत्तराखंड लाइव स्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से काश्तकारों के पालतू पशुओं की बीमा शुरू हो गया है। एपीएल परिवार के पशुपालक प्रीमियम की चालीस फीसदी और बीपीएल, एससी एसटी वर्ग के पशुपालक बीस फीसदी फीसदी धनराशि देकर पशुओं का बीमा करा सकते हैं। पशुपालकों को पशु बीमा लाभ तीन वर्षों तक के लिए मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश काश्तकार पशुपालन से आजीविका चलाते हैं।
ऐसी स्थिति में कोई भी दुर्घटना होने पर पशुओं की मौत होने पर उन्हें कोई बीमा लाभ नहीं मिलता था। बैंक से ऋण लेकर खरीदे जाने वाले पशुओं का ही बीमा लाभ पशुपालकों को मिलता था। अब सरकार ने उत्तराखंड लाइव स्टॉक डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से पालतू पशुओं का बीमा कराने की नई योजना शुरू की है। योजना के तहत काश्तकार अपने पांच बड़े पशु गाय, भैंस, घोड़ा, खच्चर, गधा अथवा भेड़, बकरी, सुअर, खरगोश जैसे 50 पशुओं का बीमा करा सकते हैं। शासन ने पशुओं के बीमे के लिए ओरियंटल इंश्योरेंश कंपनी को नामित किया है।
पशुपालक संबंधित क्षेत्र के पशु चिकित्साधिकारी से संपर्क कर जानवरों का बीमा करा सकते हैं। इंश्योरेंश कंपनी बीमा कराने वाले पशु के कान में टैग भी लगाएगी। प्रीमियम की धनराशि में भी शासन ने छूट दे रखी है। एपीएल वर्ग के पशुपालक को जानवरों का बीमा कराने पर प्रीमियम की धनराशि की 40 फीसदी और बीपीएल, एससी, एसटी वर्ग के पशुपालक को 20 फीसदी धनराशि देनी होगी और पशु का तीन साल की अविधि के लिए बीमा होगा। इस अवधि में पशु क्षति के मामले में उसे पशु का बीमा क्लेम मिलेगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. बीएस जंगपांगी ने बताया कि जिले में 15 फरवरी से योजना शुरू हो गई है। अब तक दो सौ से अधिक पशुओं का बीमा कराया जा चुका है।