जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में यहां उत्थान समिति के कार्यालय में विधिक साक्षरता शिविर लगाया गया। इस मौके पर लोगों की समाज कल्याण विभाग की पेंशन और अन्य मामलों से संबंधित समस्याओं का समाधान किया गया। जिला जज ने लैंगिक अपराधों से निपटन के लिए आगे आने का आह्वान किया।
शिविर को संबोधित करते हुए जिला जज डा. जीके शर्मा ने कहा कि महिला अपराधों के प्रति संवेदनशील होने की जरूरत है। इस तरह के मामले कपकोट तहसील में सर्वाधिक आए हैं। अभिभावक पैसे के लालच में नाबालिग बेटियों का विवाह बाहरी लोगों के साथ कर देते हैं, जबकि नाबालिग विवाह अपराध की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने बच्चों को लैंगिक अपराधों से बचाने और महिला हितों की रक्षा के लिए वालिंटियर्स से सहयोग का आह्वान किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रमणि राय और सिविल जज जूनियर डिवीजन नेहा कुशवाहा ने कानूनी अधिकारों की जानकारी दी।
उत्तराखंड अधिवक्ता महासंघ के अध्यक्ष गोविंद सिंह भंडारी, जिला बार एसोसिएसन के अध्यक्ष विनोद भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश सिंह ऐंठानी, एडवोकेट बसंत बल्लभ पाठक, सुरेश कांडपाल, चामू सिंह देवली, नगर पंचायत अध्यक्ष चंपा देवी, ब्लाक प्रमुख मनोहर राम, सीओ धनीराम, जितेंद्र तिवारी, किसन मलड़ा, एसडीएम केएस टोलिया, उमेश चंद्र जोशी आदि ने भी विचार रखे। इस मौके पर पूनम गड़िया को पैरालीगल वालेंटियर नियुक्त किया गया। कार्यक्रम में डा शर्मा ने कन्या धन योजना,वद्धावस्था पेंशन, तीलू रौतेली, विकलांगता, परिवार लाभ योजना के चेक वितरित किए। स्वास्थ्य विभाग ने 50 लोगों की जांच की। कृषि विभाग और पशुपालन विभाग ने दवा आदि का वितरण किया। पूनम गड़िया को पैरालीगल वालेंटियर नियुक्त किया गया।