अल्मोड़ा। जर्जर हाल महिला अस्पताल के कायाकल्प का प्रस्ताव शासन में धूल फांक रहा है। छह माह पूर्व सीएम ने इसके नवनिर्माण की घोषणा की थी जो अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। घोषणा के तुरंत बाद विभाग ने पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन में भेजा है जिसे स्वीकृति का इंतजार है।
आजादी से पूर्व वर्ष 1927 में बने जिला महिला अस्पताल के भवन के नवनिर्माण की कवायद सरकारी फाइलों में सिमटकर रह गई है। बीते वर्ष 19 नवंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा पहुंचकर जर्जर जिला महिला अस्पताल के नवनिर्माण की घोषणा की थी। तब स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता दिखाते हुए इसका पांच करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर शासन में भेजा। अब तक सीएम घोषणा पर अमल नहीं हो सका है और सरकार की तिजोरी में इसके नए भवन के लिए धन नहीं है। अस्पताल का भवन जर्जर है। हालात यह हैं कि बारिश में ओटी में छत से पानी टपकता है और चिकित्सक किसी तरह ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाते हैं। सीएम की यह घोषणा कब धरातल पर उतरेेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
गर्भवती के बैठने के लिए नहीं हैं उचित प्रबंध
अल्मोड़ा। जिला महिला अस्पताल में हर रोज गर्भवती और अन्य महिलाएं प्रसव, जांच और उपचार के लिए आती हैं। उनके बैठने के लिए यहां उचित प्रबंध नहीं हैं। यहां महज 8 से 10 महिलाओं के बैठने की व्यवस्था है। ऐसे में अन्य महिलाओं को खड़े रहकर उपचार के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
बोली महिलाएं
महिलाओं को राहत देने वाले महिला अस्पताल की हालत खराब है। यहां बैठने के लिए व्यवस्थाओं का अभाव है। पुराने भवन का नव निर्माण कर यहां व्यवस्थाओं का विस्तार होना चाहिए।
उमा कनवाल, अल्मोड़ा।
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स्वास्थ्य कर्मी भी जर्जर भवन के नीचे महिलाओं का उपचार करने में जुटे हैं। इसका जल्द नवनिर्माण होना चाहिए। लेकिन इसके प्रयास नहीं हो रहे।
दीपा, अल्मोड़ा।
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कोट- मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद महिला अस्पताल के नवनिर्माण का प्रस्ताव शासन में भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही इसका नवनिर्माण शुरू होगा।
डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा।
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