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शिक्षकों की लंबित समस्याओं का होगा निराकरण: टम्टा

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अल्मोड़ा अनुसूचित जाति-जनजाति शिक्षक एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारी। संवाद - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। अनुसूचित जाति-जनजाति शिक्षक एसोसिएशन का जीआईसी अल्मोड़ा के मैदान में आयोजित दो दिनी प्रांतीय अधिवेशन बुधवार को संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि सांसद अजय टम्टा ने कहा कि समाज में शिक्षा की अलख जगाने में शिक्षकों की अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की लंबित मांगों के निराकरण के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। वे खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक मांगों को पहुंचाएंगे।
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अधिवेशन के विशिष्ट अतिथि विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि शिक्षक कभी भी उन्हें अपनी समस्याएं बता सकते हैं। पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा उन्होंने शासन स्तर पर उठाया है। पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा कि शिक्षक समाज का दर्पण होता है। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक रिक्त् सहायक अध्यापक, प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य के पदों को विशेष अभियान चलाकर भरा जाए।
वर्ष 2009 में प्राथमिक सहायक से जूनियर अथवा प्राथमिक प्रधानाध्यापक में पदोन्नत शिक्षकों को एलटी सीधी भर्ती के समान ही 17140 का लाभ दिया गया। वर्ष 2018 में इसे नोशनल करार दिया जिससे उक्त अवधि की वसूली करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश को निरस्त किया जाए।
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प्रांतीय अध्यक्ष संजय भाटिया ने मुख्य अतिथि को मांग पत्र सौंपा। मुख्य अतिथि ने उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से वार्ता कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। अध्यक्षता निवर्तमान प्रांतीय अध्यक्ष संजय भाटिया, संजय टम्टा, संचालन महामंत्री जितेंद्र सिंह बुटोइया, मीडिया प्रभारी संजय कुमार, महेंद्र प्रकाश ने किया। वहां पर सह संयोजक भूपाल कोहली, सुंदर लाल, विरेंद्र टम्टा, प्रांतीय संरक्षक मदन शिल्पकार, सोहन लाल, भारतभूषण साह, सुरेंद्र ग्वासीकोटी, दीपदर्शन, विजय कुमार, संजय टम्टा, गणेश मर्तोलिया आदि थे।
संजय प्रांतीय अध्यक्ष, महेंद्र सचिव बने
अल्मोड़ा। अनुसूचित जाति-जनजाति शिक्षक एसोसिएशन के चुनाव में संजय टम्टा प्रांतीय अध्यक्ष, महेंद्र प्रकाश सचिव, डीआर बाराकोटी उपाध्यक्ष, राकेश लोधियाल कोषाध्यक्ष चुने गए। नये पदाधिकारियों का शिक्षकों ने स्वागत किया। पदाधिकारियों ने शिक्षकों की समस्याओं के लिए संघर्ष करने की बात कही। संवाद
शिक्षकों की मांगें
- पुरानी पेंशन प्रणाली को बहाल किया जाए।
- शिक्षकों को चयन, प्रोन्नत वेतनमान के समय एक अतिरिक्त वेतन वृद्धि दी जाए।
-नियुक्ति और पदोन्नति में शत प्रतिशत रोस्टर को लागू किया जाए।
-पदोन्नति में आरक्षण के लिए गठित भूतपूर्व जस्टिस इरशाद हुसैन की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।
-माता-पिता, सास-ससुर की मृत्यु होने पर शिक्षक-शिक्षिकाओं को क्रियाकर्म के लिए 15 दिन का विशेष अवकाश दिया जाए।
क्या कहते हैं शिक्षक
नए पदाधिकारियों से अपेक्षा है कि वह लंबित समस्याओं का समाधान करेंगे। अनुसूचित जाति-जनजाति शिक्षक एसोसिएशन बड़ा संगठन है। शिक्षा विभाग की बैठकों में संगठन के पदाधिकारियों को भी बुलाया जाना चाहिए ताकि वह अपनी बात रख सके।
भूपाल प्रसाद कोहली, संगठन के जिलाध्यक्ष
रोस्टर प्रणाली को सही तरह से लागू किया जाना चाहिए। पदोन्नति में आरक्षण लागू किया जाए। पदोन्नति से संबंधित शासनादेश स्पष्ट होना चाहिए। पुरानी पेंशन प्रणाली लागू की जानी चाहिए।
आनंद प्रकाश, शिक्षक
नई कार्यकारिणी से समस्याओं के समाधान होने की उम्मीद है। संगठन पदाधिकारी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करेंगे। शिक्षक मांगों को लेकर एकजुट हैं।
संजय कुमार टम्टा, शिक्षक
विद्यालय के छात्रों का विकास करना पहली प्राथमिकता है। शिक्षकों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाना चाहिए ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं झेलनी पड़े।
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अजय कुमार, शिक्षक
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