वेतन विसंगति दूर करने समेत बाइस सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले विभिन्न कर्मचारी संगठनों के सदस्यों ने विकास भवन प्रांगण में तीन दिवसीय धरना प्रारंभ कर दिया है। इस अवसर पर हुई सभा में वक्ताओं ने शासन पर कर्मचारियों की मांगों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने 11 सितंबर को जिला मुख्यालय में मशाल जुलूस निकालने का ऐलान किया है।
वक्ताओं ने विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की वेतन विसंगति को आगामी मंत्रिमंडल की बैठक में निस्तारित करने, सातवें वेतनमान का एरियर और भत्तों का भुगतान करने, एसीपी के अंतर्गत पूर्व की तरह 10, 16 और 26 वर्ष में प्रोन्नत वेतमान की बहाली करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में रिक्त पदों के सापेक्ष प्रोन्नति की जाए। धमकी दी कि यदि सरकार ने राज्य कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को नहीं माना तो 11 अक्तूबर को जिला मुख्यालय पर मशाल जुलूस निकाला जाएगा।
सभा की अध्यक्षता जीवन चंद्र तिवारी ने और संचालन जिला महामंत्री गोपाल राम ने किया। धरने और सभा में परिषद के अध्यक्ष पंकज कांडपाल, ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष दलीप भंडारी, अधीनस्थ कृषि सेवा संघ के महामंत्री पीसी जोशी, आईटी अनदुेशक संघ के चंद्रशेखर जोशी, डीआरडीए इंप्लाइज यूनियन के जीवन लाल टम्टा, बहादुर सिंह बिष्ट, खीमानंद बुधलाकोटी, केएन कांडपाल, अनीता रावत, इंदु पंत, चंद्ररेखा, मनोज धामी, कविता बिष्ट, बसंत बल्लभ पंत, प्रमेंद्र पांडे, उमापति पांडे, भगवान दुर्गापाल, गणेश असवाल, त्रिलोक सिंह, इंतखाब आलम, चंदन सिंह आदि ने विचार रखे।