चिन्हीकरण की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारियों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों ने शासन-प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप लगाया। कहा कि कई बार आंदोलन करने के बावजूद मांग की अनदेखी हुई है, इस बार आरपार की लड़ाई होगी।
नगर पंचायत सभागार में आंदोलनकारियों ने कहा कि पृथक राज्य के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया, कई बार जेल भी गए, लेकिन अधिकांश लोग चिन्हीकरण से वंचित हैं, ऐसे लोगों को राज्य आंदोलनकारी का दर्जा दिया गया है, जिनका आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है। चिन्हीकरण की मांग को लेकर दो वर्षों में कई बार आंदोलन किया गया, हर बार शासन प्रशासन ने झूठे आश्वासनों के माध्यम से गुमराह किया है। इस दौरान शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। कहा कि द्वाराहाट चौखुटिया के 12 राज्य आंदोलनकारियों का जब तक चिन्हीकरण नहीं किया जाता तब तक धरना जारी हरेगा।
कहा कि इससे पूर्व 2016 में रानीखेत के तत्कालीन संयुक्त मजिस्ट्रेट विनीता कुमार ने समझौता वार्ता में आश्वासन दिया, इसी साल एसडीएम रजा अब्बास के साथ वार्ता हुई, दो जनवरी 2017 को वर्तमान एसडीएम गौरव चटवाल ने भी सार्थक कार्रवाई का आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन मांग आज तक पूरी नहीं हुई। इस दौरान मनोज अधिकारी, महेश त्रिपाठी, कुंदन राम, धनी राम, किशन नेगी, गोपाल राणा, दान सिंह राणा, नवीन जोशी, लक्षमण सिंह, मनोहर दत्त जोशी, राम सिंह, मोहन सिंह आदि मौजूद थे।