टावर पर चढ़े राज्य आंदोलनकारी।
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चिन्हीकरण की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारियों ने आंदोलन उग्र कर दिया है। शासन प्रशासन की उपेक्षा से परेशान दो आंदोलनकारी यहां बीएसएनएल टावर पर चढ़ गए। जबकि बाकी आंदोलनकारी टावर के नीचे टेंट गाड़कर धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने के बाद प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस और प्रशासन के मान मनोव्वल के बावजूद आंदोलनकारी टावर पर चढ़े थे।
कई राज्य आंदोलनकारी आज भी चिन्हीकरण से वंचित हैं। द्वाराहाट चौखुटिया के 12 आंदोलनकारी पिछले कई वर्षों से आंदोलनरत हैं, लेकिन आज तक मांग पूरी नहीं हुई। प्रशासन सिर्फ आश्वासनों तक ही सीमित रहा। इधर पिछले दो दिनों से आंदोलन चल रहा था। शुक्रवार सुबह आठ बजे दो आंदोलनकारी मनोज अधिकारी और गोपाल सिंह राणा बीएसएनएल की 40 मीटर लंबे टावर पर चढ़ गए। मालूम हो कि बीते दो जनवरी को भी टावर पर चढ़कर प्रदर्शन किया गया था, लेकिन प्रशासन के आश्वासन चार माह बाद भी पूरे नहीं हुए।
सुबह टावर पर चढ़ने की सूचना के बाद प्रशासन और पुलिस के हाथ पांव फूल गए। थाना प्रभारी चंद्रमोहन सिंह, एलआईयू प्रभारी केपीएस धामी, पुलिस सीओ कमल राम, नायब तहसीलदार सतीश बर्थवाल, एसआई दरबान सिंह आदि मौके पर पहुंचे। मान मनोव्वल के बावजूद आंदोलनकारियों ने एक न मानी और मांग पूरी होने के बाद ही आंदोलन खत्म करने पर अड़े रहे। दूसरी तरफ टावर के नीचे धरने पर मोहन सिंह रावत, महेश त्रिपाठी, दान सिंह राणा, मनोहर दत्त जोशी, राम सिंह, लक्ष्मण सिंह, नवीन चंद्र जोशी, किशन सिंह नेगी, धनी राम, कुंदन राम आदि बैठे।