अल्मोड़ा। एसएसजे विश्वविद्यालय में प्राध्यापकों की लापरवाही से सैंकड़ों छात्र-छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। प्राध्यापकों की ओर से आंतरिक परीक्षाओं के अंक समर्थ पोर्टल पर दर्ज नहीं करने से 1400 विद्यार्थियों के परीक्षाफल अपूर्ण रह गए थे। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने भी इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए परिसर और महाविद्यालयों से ऐसे प्राध्यापकों की सूची मांगी है। एसएसजे विवि में प्राध्यापकों के आंतरिक परीक्षाओं के अंक नहीं जोड़ने को विवि प्रशासन ने इसे प्राध्यापकों की लापरवाही करार दिया। विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार अंक दर्ज करने के लिए तीन महीने तक समर्थ पोर्टल खोला गया। इसके बाद भी प्राध्यापक उदासीन बने रहे।
एक ओर विद्यार्थी पोर्टल पर अंक दर्ज कराने को संघर्ष कर रहे हैं, दूसरी ओर इससे विवि पर भी अनावश्यक कार्य का दबाव बढ़ गया है। प्रकरण से नाराज विवि प्रबंधन ने विभागाध्यक्षों और संकायाध्यक्षों को पत्र भेज कर लापरवाही बरतने वाले प्राध्यापकों के नाम मांगे हैं। उन्हें विषयों के अंक प्राध्यापकों के माध्यम से समर्थ टीम को उपलब्ध कराने को कहा है।
विद्यार्थियों की समस्या का जल्द निस्तारण करने के लिए समर्थ टीम में डॉ. अजय पाल सिंह और डॉ. अर्पिता की तैनाती की है।