एसएसजे परिसर में तेंदुआ पिंजरे में कैद
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अल्मोड़ा। नगर के मध्य कुमाऊं विश्वविद्यालय एसएसजे परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से दिखाई दे रहा तेंदुआ शुक्रवार सुबह परिसर में लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया। पिंजरे में कैद तेंदुआ गुर्राने लगा। गुर्राने की आवाज सुनकर वहां परिसर कर्मियों, स्कूली बच्चों और छात्र-छात्राओं की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर वन कर्मी भी मौके पर पहुंचे। वन कर्मी तेंदुए को एनटीडी स्थित वन विभाग के रेस्क्यू सेंटर ले आए हैं। दो साल की यह मादा तेंदुआ स्वस्थ है। वन विभाग रात में तेंदुए को मोहान के जंगल में छोड़ेगा।
शहर के मध्य एसएसजे परिसर और खत्याड़ी क्षेत्र में लंबे समय से तेंदुए का आतंक था। तीन दिन पहले जल संस्थान के मजदूर एसएसजे परिसर में काम कर रहे थे। इसी दौरान झाड़ी में छुपे तेंदुए ने दिनदहाड़े मजदूरों पर झपटने का प्रयास किया, लेकिन मजदूरों ने सूझबूझ से जान बचा ली। लोगों की शिकायत पर वन विभाग ने एसएसजे परिसर के भूगोल विभाग के पास पिंजरा लगाया था और उसमें मुर्गी रखी गई थी। शुक्रवार सुबह तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया और गुर्राने लगा। परिसर के कर्मियों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी।
इस दौरान वहां छात्र-छात्राओं ओर लोगों की भीड़ जमा हो गई। करीब सवा दस बजे वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम पिंजरे में कैद तेंदुए को एनटीडी स्थित रेस्क्यू सेंटर ले आई है। रेंजर एमआर आर्या ने बताया कि तेंदुआ स्वस्थ है। इस मादा तेंदुआ की उम्र करीब दो साल है। उन्होंने बताया कि रात में तेंदुए को कार्बेट टाइगर रिजर्व की सीमा से सटे मोहान वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा। पिंजरे में कैद तेंदुए को रेस्क्यू सेंटर लाने वाली वन विभाग की टीम में डिप्टी रेंजर दीपक पंत, वन दरोगा मदन मोहन पांडे, वनरक्षक भुवन लाल, गिरवर सिंह, किशोर चंद्र, रोशन आदि शामिल हैं।