अल्मोड़ा। रानीखेत सीमांत के महानिरीक्षक की मौजूदगी में क्षेत्रीय मुख्यालय एसएसबी में बचाव और राहत दल का गठन किया गया। जवानों ने आपदा के दौरान पीड़ित लोगों की सहायता और बचाव का प्रदर्शन किया। महानिरीक्षक सरवन कुमार ने कहा कि आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सशस्त्र सीमा बल के उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए क्षेत्रीय मुख्यालय में बचाव और राहत दल बनाया गया है। जिसमें आधुनिक उपकरणों से लैस 40 प्रशिक्षित कर्मी रखे गए हैं।
उन्होंने बताया कि एसएसबी का यह दल आपदा से निपटने में अन्य सहयोगी संस्थाओं और संगठनों को भी समुचित सहायता उपलब्ध कराएगा। क्षेत्रीय मुख्यालय के मैदान में आयोजित समारोह में जिला आपदा प्रबंधन अल्मोड़ा के सहयोग से जवानों ने आपदा के दौरान फंसे लोगों को निकालने, आग से बचाव और त्वरित राहत चिकित्सा आदि का प्रदर्शन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए महानिरीक्षक ने बताया कि एसएसबी आपदा के दौरान जनता की मदद और बचाव कार्य के लिए तत्पर रहती है। उन्होंने बताया कि अल्मोड़ा के अलावा इस दल का गठन देश के विभिन्न राज्यों में एसएसबी के 18 सेक्टर मुख्यालयों में किया जा रहा है। अल्मोड़ा में स्थापित बचाव और राहत दल में 40 प्रशिक्षित कर्मियों में पांच महिला बल कर्मी भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि आपदा की स्थिति में एसएसबी का यह दल प्रथम कार्रवाई दल के रूप में कार्य करेगा। इस दौरान उप महानिरीक्षक विक्रम सिंह ठाकुर, द्वितीय कमान अधिकारी सचिन कुमार, उप कमांडेंट एचसी बिष्ट, संयुक्त क्षेत्रीय संगठक एचआर आर्या, उप क्षेत्र संगठक सुधीर नेगी, पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, सीडीओ जेएस नागन्याल, एसडीएम विवेक रॉय, सिख रेजीमेंट के मेजर अखिलेश राठौर, आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी, नवीन जोशी, योगेश पुरोहित, राजेश जोशी, कुलदीप पांडे, सौरभ पांडे, डीएफओ आरएस प्रजापति, सीएफओ वंश बहादुर यादव के अलावा एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीम और बल के अधिकारी मौजूद थे।