नगर पालिका सभागार में हुए एक कार्यक्रम में लेखक शंभू राणा की पुस्तक ‘माफ करना हे पिता’ का विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि युवा संवाद के संपादक डा. एके अरुण ने कहा कि साहित्य को समृद्ध करने में उत्तराखंड का बहुत योगदान रहा है। ऐसे में यह पुस्तक समाज की पथ प्रदर्शक बन सकती है।
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता डा. शमशेर सिंह बिष्ट ने कहा कि शंभू राणा की पुस्तक में अल्मोड़ा की झलक दिखलाई देती है। महादेवी वर्मा सृजन पीठ के निदेशक प्रो. देव सिंह पोखरिया ने कहा कि शंभू राणा की पुस्तक में सर्वांण चित्रण हुआ है। कार्यक्रम में डा. सुशील जोशी, पीसी तिवारी, पीसी जोशी कमल जोशी, पान सिंह बोरा, चंदन बंगारी ने विचार रखे।
अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार राजीव लोचन साह ने की। कार्यक्रम में प्रो. दिवा भट्ट, नवीन बिष्ट, जंग बहादुर थापा, डा. जेसी दुर्गापाल, रेवती बिष्ट, जयमित्र बिष्ट, डा. जेसी मेहता, ललित जोशी, गितेश त्रिपाठी, जेसी, नीरज पांगती, पूरन तिवारी, डा. दयाकृष्ण कांडपाल, सुशीला धपोला, पान सिंह बिष्ट, इंद्र सिंह डसीला, जगत रौतेला, डा. महेंद्र सिंह मिराल आदि मौजूद थे।