कोरोना संक्रमणकाल में जहां लोग घरों से बाहर आने से कतरा रहे हैं। वहीं रानीखेत निवासी सोनू एक फोन कॉल पर अस्पताल पहुंचे और एक 13 वर्षीय बालक को खून देकर उसे नई जिंदगी दी है। चौखुटिया निवासी इस बालक की पेट पर खच्चर ने लात मार दी थी जिससे उसकी आंत फट गई। आपरेशन के लिए खून की जरूरत पड़ी लेकिन अस्पताल में ए पॉजिटिव खून नहीं मिला।
दुनिया में इंसानियत से बड़ी दूसरी कोई चीज नहीं है। इसे साबित कर दिखाया है रानीखेत के सोनू आर्य ने। बताया जा रहा है कि चौखुटिया निवासी प्रवीन तिवारी (13) को गांव के समीप खच्चर ने लात मार दी जिससे उसकी आंत फट गई। परिजन प्रवीन को इलाज कराने के लिए कालिका स्थित निजी अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने बताया कि प्रदीप का आपरेशन होगा, इसके लिए खून की जरूरत पड़ेगी।
जांच में पता चला कि प्रवीन का ब्लड ग्रुप ए पाजिटिव है जो ब्लड बैंक रानीखेत में उपलब्ध नहीं था। ऐसे में ब्लड डोनर रानीखेत समूह सोनू को तलाशा। जानकारी मिलते ही सोनू ने देर नहीं लगाई और रानीखेत चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक में रक्तदान किया। बालक के परिजनों ने सोनू आर्या का आभार जताया है।