जिले में 361 घर सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। लाभार्थी विद्युत विभाग को बिजली विक्रय करके आय भी अर्जित कर सकेंगे। लाभार्थियों का चयन करने के बाद उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विभाग (उरेडा) ने कुल 10.83 करोड़ रुपये की लागत से चार-चार किलो वाट क्षमता के पावर प्लांट लगाने का काम शुरू कर दिया है।
जनसंख्या बढ़ने के साथ ही बिजली की खपत भी बढ़ते जा रही है। सरकार की सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की योजना है। योजन के तहत लोगों को उरेडा विभाग में आवेदन करना था। उरेडा विभाग ने लाभार्थियों का चयन कर प्रस्ताव उरेडा निदेशलय को भेजा था। योजना के तहत तीन लाख रुपये लागत से चार किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा प्लांट घरों में स्थापित होना है।
कुल तीन लाख रुपये लागत के सौर ऊर्जा प्लांट में लाभार्थी को 90 फीसदी (2.70 लाख रुपये) सब्सिडी मिलेगी। जबकि 10 फीसदी (तीस हजार रुपये) लाभार्थी को वहन करने होंगे। चार किलोवाट क्षमता के पावर प्लांट से प्रतिदिन 20 से 24 यूनिट बिजली उत्पादित होगी। औसतन घर पर पांच से छह यूनिट बिजली का उपयोग प्रतिदिन होता है। ऐसी स्थिति में लाभार्थी शेष बिजली पावर कारपोरेशन को बेच सकेगा।
उरेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी जीसी महरोत्रा ने बताया कि सौर ऊर्जा से उत्पादित बिजली के विक्रय के लिए पावर कारपोरेशन के साथ 25 वर्ष का अनुबंध विभाग ने किया है। दो माह के भीतर सभी लोगों के यहां सौर ऊर्जा पावर प्लांट स्थापित कर दिए जाएंगे। लाभार्थी उपभोग के बाद सौर ऊर्जा से उत्पादित शेष बिजली पावर कारपोरेशन को विक्रय भी कर सकेगा। इसके लिए लाभार्थी के यहां पावर कारपोरेशन नेट मीटर (एक्सपोर्ट इंपोर्ट यूनिट) लगाएगा। रीडिंग के हिसाब से पावर कारपोरेशन लाभार्थी को बिजली क्रय करने के बाद भुगतान करेगा।