नशे के खिलाफ एक ओर पुलिस की कार्रवाई तो दूसरी ओर अमर उजाला का जागरूकता अभियान लगातार जारी है। अमर उजाला की इस पहल से जुड़ने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है और लोग नशे को समाज के लिए घातक बताते हुए अल्मोड़ा जैसे शांत प्रिय जगह से इसे जड़ से हटाना चाहते हैं। कई लोगों ने पुलिस से नगर क्षेत्र में संचालित हो रहे बिलियर्ड्स केंद्रों, एकांत स्थानों, गलियों में भी नजर रखने पर जोर दिया।
स्कूल, कॉलेज में खेल और योग गतिविधियों को बढ़ाने की जरूरत
नशे का कारोबार चलाने वाले गिरोहों को पकड़ना बेहद जरूरी है। यहां पुलिस की मुख्य भूमिका सुनिश्चित होनी चाहिए। स्कूलों में बच्चों को खेल, योग, ध्यान आदि गतिविधियां करायी जानी चाहिए। जिससे उनका ध्यान बुरी आदतों में न जाकर स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। सीएल वर्मा, जिला खेल अधिकारी, अल्मोड़ा।
बाहर से आ रहे लोगों पर नजर रखना जरूरी
इस कारोबार को बढ़ने से पहले ही रोकना आवश्यक है। जागरूक लोगों को अपने आसपास भी बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। खासकर बाहर के जिलों से आने वाले लोगों पर भी खास नजर रखने की जरूरत है। राजेंद्र तिवारी, सभासद, अल्मोड़ा।
बिलियर्ड्स, संदिग्ध जगहों पर नजर रखे पुलिस
नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में हर माह गोष्ठी का आयोजन करने की जरूरत है, जिससे बच्चों, युवाओं को नशे से होने वाले नुकसान की जानकारी मिल सके। बिलियर्ड्स और संदिग्ध जगहों पर भी पुलिस नजर रखे तो काफी हद तक नशे के कारोबार पर लगाम लग सकती है। विनीत बिष्ट, जागरूक युवा।
कोचिंग सेंटरों पर भी नजर रखें अभिभावक
अभिभावकों को कोचिंग सेंटरों के अलावा जहां भी बच्चा जाता है उनकी गतिविधियों पर नजर रखें। कोचिंग सेंटर के संचालकों, शिक्षकों को भी इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। लोगों को भी जहां नशा संबंधी गतिविधियां होती हैं, उसकी जानकारी पुलिस को देनी चाहिए। वकुल साह, उपसचिव व्यापार मंडल।