सोशल मीडिया पर रानीखेत जिले की मांग को जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। अभियान रानीखेत जिला के नाम से बनाए गए पेज पर समर्थकों की संख्या पांच हजार पहुंच चुकी है। अभियान समर्थकों का कहना है कि जब तक रानीखेत जिला नहीं बन जाता, उनकी मुहिम जारी रहेगी। जिले के लिए जमीनी आंदोलन को भी अब और सशक्त बनाया जाएगा।
रानीखेत जिले के लिए पिछले डेढ़ साल से सोशल मीडिया पर अभियान चलाया जा रहा है। अभियान रानीखेत जिला के नाम से अलग पेज भी तैयार किया गया है, जिसमें समर्थकों की संख्या अब पांच हजार पहुंच गई है। संयोजक डीएन बड़ौला ने बताया कि जिले के लिए अब तक 794 लोगों ने वीडियो संदेश दिए हैं, जबकि जिले के लिए एक दिन की भूख हड़ताल करने वालों की संख्या 451 हो गई है, भूख हड़ताल के लिए 35 महिलाओं ने भी अपनी सहमति जताई है।
जिले के लिए आमरण अनशन करने वालों की संख्या 163 लोग हैं, इनमें 17 महिलाएं शामिल हैं। इस पृष्ठ को अब तक 1974 लोगों ने लाइक भी किया है। संयोजक ने सहयोग के लिए लोगों का आभार भी जताया है। उन्होंने बताया कि नई सरकार का गठन होते ही जमीनी आंदोलन शुरू होगा। इसके लिए रानीखेत नगर के अलावा, ताड़ीखेत, चिलियानौला, जैनोली, पिलखोली, मजखाली, सौनी, चौबटिया सहित आस पास के क्षेत्रों में टीमों का गठन किया जाएगा और आंदोलन की वृहद रूपरेखा तय की जाएगी।