अल्मोड़ा। स्वामी विवेकानंद की स्मृतियों को संजोने के लिए संस्कृति विभाग उत्तराखंड ने अल्मोड़ा में उनके विभिन्न प्रवास स्थानों और जनसभा स्थलों में स्मृतिपट लगाने का काम शुरू कर दिया है। संस्कृति विभाग के निर्देश पर पुरातत्व विभाग ने नगर और आसपास के करीब आठ स्थानों में स्मृतिपट लगा दिए हैं जबकि तीन स्थानों से एनओसी प्राप्त होने के बाद पट लगाने का काम शुरू होगा।
मालूम हो कि स्वामी विवेकानंद अपने जीवनकाल में कई बार अल्मोड़ा आए। 1890 में नैनीताल से अल्मोड़ा पैदल यात्रा के दौरान उन्हें काकड़ीघाट में ज्ञान प्राप्त हुआ था। अल्मोड़ा में भी वह कई स्थानों पर गए। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी चंद्र सिंह चौहान ने बताया कि संस्कृति विभाग ने स्वामी विवेकानंद से जुड़ी यादों को सहेजने और लोगों को उनके संबंध में जानकारी देने के लिए उनके प्रवास स्थलों, यात्रा स्थलों और जनसभा स्थलों में स्मृतिपट लगाने का काम शुरू कर दिया है।
उन्होंने बताया कि पुरातत्व विभाग ने काकड़ीघाट, करबला, रघुनाथ मंदिर, लाला बद्री साह आवास, आर्मी कैंट के पास अंबादत्त जोशी बगीचा, कसारदेवी और स्याही देवी आदि में स्मृति पट लगा दिए गए हैं। एमईएस के पास अंग्रेजी क्लब, थामसन हाउस और ओकले हाउस आदि तीन जगहों से एनओसी प्राप्त नहीं हुई है। इस कार्य में एसके घोष, रामकृष्ण कुटीर के स्वामी सोमदेवानंद, दिनेश चंद्र पंत, पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, राजेश कुमार साह, कृष्ण चंद्र पांडे, मनोरमा जोशी, गोपाल शर्मा, सिकंदर जोशी आदि ने सहयोग दिया।