पुलिस और एसओजी की टीम ने कसारदेवी में एक रिसोर्ट के निकट दो छात्रों के पास से 11 ग्राम से अधिक स्मैक बरामद की है। दोनों छात्रों को एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेज दिया गया है। बरामद की गई स्मैक की अंर्तराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक लाख रुपये आंकी गई है। अल्मोड़ा में इससे पहले भी जून में स्मैक बरामद हुई थी। स्मैक पकड़ने वाली टीम को एसएसपी ने ढाई हजार रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है।
जानकारी के मुताबिक एनटीडी चौकी प्रभारी गणेश मनोला और पुलिस की एसओजी टीम को कसारदेवी इलाके में नशाखोरी कराने वाले गैंग के बारे में जानकारी मिली। टीम ने कसारदेवी की तरफ से आ रहे दो संदिग्ध युवकों को रोका तो उन्होंने भागने का प्रयास किया। पुलिस की टीम ने दोनों युवकों को पकड़ लिया और चेक करने करने पर दिशांक सिंह गैड़ा निवासी बेस कैंपस खत्याड़ी के पास से पांच ग्राम आठ मिलीग्राम और दीपक सिंह भाकुनी निवासी पांडेखोला अल्मोड़ा के पास से पांच ग्राम सात मिलीग्राम स्मैक बरामद हुई।
पुलिस ने बताया कि दिशांक गैड़ा गाजियाबाद के किसी इंस्टीट्यूट से बीसीए कर रहा है। जबकि दीपक भाकुनी अल्मोड़ा में होटल मैनेजमेंट का छात्र है। पुलिस ने बताया कि दिशांक रुद्रपुर, रामपुर इलाके से स्मैक लाकर यहां खुद पीने के अलावा यहां सप्लाई भी कर रहा था। दोनों को 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल भेज दिया गया है। एसएसपी केएस नगन्याल ने बताया कि अल्मोड़ा के कई इलाकों में नशीले पदार्थ की बिक्री होने की सूचना मिली है। इसके लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस को इन मामलों में युवकों और छात्रों के लिप्त होने की सूचना मिली है। भविष्य में छापेमारी की कार्रवाई जारी रहगी। स्मैक पकड़ने वाली टीम में एसआई गणेश मनोला के अलावा एसओजी टीम के कांस्टेबल त्रिलोक सिंह, दिनेश नगरकोटी, दीपक खनका, संदीप सिंह शामिल थे।