रानीखेत (अल्मोड़ा)। चौबटिया स्थित कालनू गांव के लूड़ीकोट धार के जंगल में फांसी के फंदे पर लटकता हुआ अधेड़ का शव मिलने से सनसनी फैल गई। 20 से 25 दिन पुराना यह शव सड़ चुका है। फंदे पर सिर्फ कंकाल ही बचा हुआ था। शव की शिनाख्त सोमेश्वर के रौलकुड़ी गांव निवासी अविवाहित अधेड़ के रूप में हुई है। पुलिस और राजस्व पुलिस ने पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए शव राजकीय अस्पताल भेज दिया है।
बताया जा रहा है कि सोमेश्वर के आगर रौलकुड़ी निवासी हरीश चंद्र (52) पुत्र देव राम रानीखेत के एक होटल में काम करता था। कालनू में उसकी बहन रहती है। वह कुछ दिन यहां और कुछ दिन अपने जैनोली निवासी साथी के साथ रहता था। लूड़ीकोट के जंगल में शव दिखने से वहां लोगों में हड़कंप मच गया।
सूचना के बाद राजस्व और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। शव फंदे पर लटका था, मांस पूरी तरह से गल चुका था। पास में ही एक बैग था जिसमें आधार कार्ड, फोन नंबर की डायरी थी। नायब तहसीलदार दलीप सिंह ने बताया कि आधार कार्ड और फोन नंबर के आधार पर शिनाख्त हुई। कालनू निवासी मृतक के भांजे प्रवीण चंद्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिछले 15-20 दिन से उनसे संपर्क नहीं हुआ, वह लोग सोच रहे थे की शायद मामा सोमेश्वर गांव चले गए होंगे।