नानीसार में अंतर्राष्ट्रीय आवासीय विद्यालय के लिए आवंटित की गई भूमि के विरोध में ग्रामीणों का अनशन 26वें दिन में प्रवेश कर गया है। इधर कानूनगो मोहन सिंह भोजक ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों द्वारा ग्राम प्रधान पर फर्जी भूमि की एनओसी के मामले की जांच शुरू की।
कानूनगो ने पहले दिन छह ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। जिसमें अधिकांश लोगों ने हस्ताक्षरों को फर्जी बताया है। कानूनगो ने बताया कि इस मामले में अभी कुछ और लोगों के बयान लेने हैं, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। ग्रामीणों का कहना है कि नानीसार में आवासीय विद्यालय के लिए जो भूमि आवंटित की गई है, वह भूमि उनकी है और सरकार ने गलत तरीके से भूमि का आवंटित कर दिया।
इससे ग्रामीणों के हक हकूक प्रभावित हो रहे हैं। पहाड़ में जमीनों की खुली लूट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूसरी तरफ क्रांतिकारी जनवादी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जीवन चंद्र के नेतृत्व में कई लोगों ने उरोली, भैंसोली आदि स्थानों पर जाकर छह दिसंबर को डीडा में प्रस्तावित भूमिहीन, आपदा प्रभावित लोगों के सम्मेलन की तैयारियों को लेकर लोगों से जनसंपर्क किया।