एक तरफ अल्मोड़ा के बेस अस्पताल को आधार बनाकर यहां मेडिकल कालेज स्थापित करने की तैयारी चल रही है लेकिन हालत यह है कि इस अस्पताल में लगी सिटी स्कैन मशीन पिछले छह माह से खराब पड़ी है। लोगों को सिटी स्कैन कराने के लिए यहां से 100 किमी दूर हल्द्वानी जाना पड़ रहा है। यही नहीं एक माह से रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण अल्ट्रा साउंड मशीन भी ठप पड़ी है। जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
जिले के सबसे बड़े बेस अस्पताल में हर रोज करीब चार सौ से अधिक संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। यहां अल्मोड़ा जिले के अलावा बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ इलाकों से भी लोग इलाज के लिए यहां आते हैं। अस्पताल में लगी सिटी स्कैन मशीन पिछले छह माह से खराब पड़ी है। बताया गया है कि मशीन को ठीक करने के लिए कंपनी को अस्पताल की ओर से भुगतान नहीं किया जा सका है। कंपनी को पिछला भुगतान तक नहीं हुआ है जिससे संबंधित कंपनी ने मशीन को ठीक करने से इंकार कर दिया है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मरीजों को सिटी स्कैन के लिए हल्द्वानी जाना पड़ रहा है। जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अलावा रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण पिछले एक माह से बेस अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन भी नहीं हो रहा है। लोगों को अल्ट्रासाउंड के लिए भी भटकना पड़ रहा है। इधर खत्याड़ी क्षेत्र पंचायत सदस्य आनंद सिंह कनवाल ने जिलाधिकारी सविन बंसल को ज्ञापन देकर जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है। दोनों मशीनें शीघ्र ठीक नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
बेस अस्पताल के पीएमएस डा. डीपी दुर्गापाल कहते हैं कि जिस कंपनी के साथ मशीन को दुरुस्त करने का करार हुआ है उसे भुगतान नहीं होने के कारण मशीन को चालू नहीं किया जा सका है। भुगतान निदेशालय स्तर से ही होता है और इस संबंध मेें निदेशालय को कई बार पत्राचार किया जा चुका है लेकिन अभी तक मामला नहीं निपट सका है। एक माह से रेडियोलॉजिस्ट के छुट्टी पर होने के कारण अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन भी नहीं हो पा रहा था। डाक्टर के छुट्टी से लौटने के बाद मशीन का संचालन शुरू हो जाएगा।