अल्मोड़ा। केंद्र सरकार की नोटबंदी के खिलाफ राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर सेंटर इंडियन ट्रेड यूनियन (सीआईटीयू) के सदस्यों ने मंगलवार को चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना दिया। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि कालाधन और भ्रष्टाचार के नाम पर मोदी सरकार द्वारा की गई कार्रवाई पूरी तरह विफल साबित हुई है।
उन्होंने कहा कि नोटबंदी के 55 दिन बाद भी आम जनमानस अपने ही बैंक खातों और एटीएम से नकदी हासिल करने को जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों, सब्जी विक्रेताओं, घरेलू मजदूरों और अनौपचारिक रूप से अर्थव्यवस्था में शामिल पूरी श्रम शक्ति के लिए नकदी उपलब्ध नहीं है।
दूसरी तरफ नए नोट बड़े व्यापारियों, हवाला कारोबारियों और भ्रष्ट नौकरशाहों के पास पाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सहारा और बिडला के दस्तावेजों से मिली जानकारी की उच्च स्तरीय जांच की जाए। उन्होंने कर चोरी के विदेशी संस्थानों के साथ सरकारी समझौते रद्द करने, विदेशों में खाता धारकों के नाम सार्वजनिक कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि बड़े औद्योगिक घरानों से 11 लाख करोड़ का बैंक कर्ज वसूल कर उनकी संपत्ति कुर्क की जाए। धरने पर संगठन के जिला सचिव दिनेश पांडे, आरपी जोशी, यूसुफ तिवारी, प्रमोद कुमार, आनंदी मेहरा, आनंदी वर्मा, देवेंद्र फत्र्याल, राकेश त्रिवेदी, स्वप्निल पांडे आदि बैठे। बाद में जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।