बेटी की उपलब्धि पर अल्मोड़ा के कपीना स्थित घर में खुशी मनाते श्वेता के परिजन।
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। सिविल सेवा परीक्षा में एक बार असफलता मिलने के बावजूद श्वेता ने हार नहीं मानी और दोबारा इस परीक्षा की तैयारी में जुट गईं। उनकी मेहनत रंग लाई। सिविल सेवा परीक्षा-2019 की द्वितीय सूची में श्वेता ने 49वां स्थान पाया है। इस सफलता के बाद वह भारतीय डाक सेवा या भारतीय रेलवे डाक सेवा में अधिकारी बनेंगी। अभी वह नई दिल्ली के शहरी आवास विकास मंत्रालय में सहायक अनुभाग अधिकारी हैं।
नगर के कपीना मोहल्ला निवासी जल निगम के सेवानिवृत्त मुख्य प्रशासनिक अधिकारी चंद्रबल्लभ जोशी और लीला जोशी की बेटी श्वेता बचपन से ही मेधावी रहीं हैं। श्वेता ने 2014 में एनआईटी जालंधर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इसके बाद एक कंपनी में दो साल नौकरी की। मन में समाज सेवा करने का ख्याल आया तो उन्होंने नौकरी छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने तैयारी की।
श्वेता ने बताया कि 2018 में यूपीएससी की परीक्षा दी लेकिन सफलता नहीं मिली पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। 2019 में दोबारा परीक्षा दी तो उन्हें सफलता मिल गई। उन्होंने कहा कि बेशक इस परीक्षा को कठिन माना जाता है लेकिन युवा हिम्मत न हारें। उन्होंने बताया कि साक्षात्कार और परीक्षा की तैयारी तक के सफर में अल्मोड़ा निवासी और वर्तमान में टिहरी गढ़वाल की एसएसपी आईपीएस तृप्ति भट्ट ने काफी सहयोग किया। श्वेता ने अपनी सफलता का श्रेय पिता चंद्रबल्लभ जोशी, माता लीला जोशी और बहन पशु चिकित्सक डॉ. सुचिता जोशी को दिया है।
नौकरी के साथ तैयारी करने के लिए समय का सदुपयोग करना सीखें
अल्मोड़ा। नई दिल्ली के शहरी आवास विकास मंत्रालय में सहायक अनुभाग अधिकारी श्वेता ने बताया कि नौकरी के साथ-साथ परीक्षा की तैयारियों में कई दिक्कतें आईं। सबसे बड़ी समस्या टाइम मैनेजमेंट की थी। फिर मैंने पढ़ाई के लिए सप्ताह का शेड्यूल तय किया। इसके बाद महीने का टाइमटेबल बनाया। फिर इसी हिसाब से पढ़ाई की। कार्यालय में लंच ब्रेक होने पर वह अखबार पढ़तीं थीं। इससे उन्हें नई जानकारियां मिल जाती थीं।