बग्वालीपोखर में ऐतिहासिक बग्वाई कौथिक में दूसरे दिन भी रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची रही। स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों ने लोकगीतों और लोकनृत्यों से ऐसा समा बांधा की लोग मंत्रमुग्ध हो गए। मेला देखने के लिए दूर दराज के क्षेत्रों से लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जैज बैंड द मैनइटर्स ब्वाइज और कुमाऊं नागा रेजीमेंट के बैंड ने मेले में चार चांद लगा दिए। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक मदन बिष्ट, रानीखेत के विधायक करन माहरा और पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने मेले के संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।
हिमालयन कला समिति अल्मोड़ा के कलाकारों ने झोड़ा, चांचरी और छपेली नृत्य गीतों के माध्यम से समा बांधा। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज, दीक्षा मांटेसरी, एमडीपीटी पब्लिक स्कूल, जीजीआईसी के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रमों में देव भूमि मां शारदे लोक कला समिति अल्मोड़ा और बीएन आर्या म्यूजिकल ग्रुप ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। प्रख्यात कुमाऊंनी कवि शंकर दत्त जोशी ने पनुवां बता धै रे तिकणी पणण लिखण कब आल और हंस न पगली मेरी आम जसी आदि कविताओं से लोगों को लोट पोट कर दिया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि पूर्व विधायक मदन बिष्ट, रानीखेत विधायक करन माहरा और पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने मेले के संरक्षण पर जोर दिया। मंच का संचालन डॉ. संतोष बिष्ट और रानी पाठक ने संयुक्त रूप से किया। मेले को शिवदत्त पांडे, हरीशरण शर्मा, कुंदन मेहता, मनोहर भंडारी, त्रिभुवन बिष्ट, डॉ. दीपक मेहता, जीवन अधिकारी, प्रमोद जोशी, हरी सिंह, कुंदन भंडारी, विनोद अधिकारी, अर्जुन बिष्ट आदि सहयोग कर रहे हैं।
आज सजेगा बग्वालीपोखर में मीना बाजार
द्वाराहाट। बग्वाई कौथिक में अंतिम दिन रविवार को मीना बाजार सजेगी, यहां बाहर से आए व्यापारियों ने दुकानें सजाई हैं। दूर दराज के क्षेत्रों से आईं महिलाएं मीना बाजार में खरीदारी करेंगी। मेले के दूसरे दिन ले. जनरल मोहन चंद्र भंडारी, ललित मोहन पांडे, थानाध्यक्ष अशोक कुमार, डॉ. ललित पंत, गोविंद मेहता, आशा मेहता, इंद्रा गुणवंत, शंकर कैड़ा, नारायण रावत, चंदन बिष्ट आदि भी मौजूद थेे।